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Oral Health Tips : दांत और मसूड़े रहेंगे हमेशा मजबूत, रोज की दिनचर्या में शामिल करें ये जरूरी आदतें

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Rama Pun Updated Wed, 19 Aug 2026 09:58 AM IST

दांतों और मसूड़ों की सही देखभाल सिर्फ अच्छी मुस्कान के लिए ही नहीं, बल्कि खान-पान और सेहत को दुरुस्त रखने के लिए भी जरूरी है। रोजमर्रा की कुछ आसान आदतों को अपनाकर कैविटी, मसूड़ों की सूजन और सांसों की बदबू जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है

Oral Health Tips

Oral Health Tips : मुंह की सेहत का सीधा असर हमारे पूरे शरीर पर पड़ता है। खाना ठीक से चबाना हो या खुलकर बात करना, स्वस्थ दांत हर काम में मदद करते हैं।

अक्सर लोग दांतों की समस्या को तब तक टालते रहते हैं जब तक तेज दर्द न शुरू हो जाए, जबकि थोड़ी सी नियमित सावधानी से दांतों की लंबी उम्र तय की जा सकती है।

दिनचर्या में लाएं ये बुनियादी बदलाव

2 मिनट का नियम: दिन में दो बार ब्रश जरूर करें। सुबह उठने के बाद और रात को सोने से पहले कम से कम दो मिनट तक सभी दांतों की अच्छी तरह सफाई करें।

हल्के हाथों से करें सफाई: जोर लगाकर ब्रश करने से दांतों की ऊपरी परत और मसूड़े छिल सकते हैं। हमेशा सॉफ्ट ब्रिसल वाले ब्रश का इस्तेमाल करें और हल्के हाथों से घुमावदार गति में सफाई करें।

फ्लॉसिंग की आदत: सिर्फ ब्रश करने से दांतों के बीच फंसा बारीक खाना नहीं निकलता। दिन में एक बार फ्लॉस (डेंटल धागे) का इस्तेमाल जरूर करें ताकि प्लाक जमा न हो।

खान-पान का ध्यान: अधिक मीठे खाद्य पदार्थ और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स दांतों में सड़न का खतरा बढ़ाते हैं। इनके सेवन के बाद सादे पानी से कुल्ला जरूर करें।

भरपूर पानी पिएं: पर्याप्त पानी पीने से मुंह में लार बनती रहती है, जो प्राकृतिक रूप से बैक्टीरिया को साफ करने में मदद करती है।

इन संकेतों को कभी अनदेखा न करें

शुरुआती दौर में दांतों की दिक्कतें बिना दर्द के पनपती हैं। अगर शरीर में ये संकेत दिखें, तो तुरंत सतर्क हो जाएं:

  • ठंडा या गर्म पानी पीने पर तेज झनझनाहट होना।
  • ब्रश करते समय मसूड़ों से खून आना या उनमें लालिमा और सूजन रहना।
  • मुंह से लगातार दुर्गंध आना जो कुल्ला करने के बाद भी न जाए।
  • दांतों पर भूरे या काले धब्बे दिखना और चबाते समय हल्का दर्द होना।
  • किसी दांत का अपनी जगह से हिलना या मुंह में लंबे समय तक रहने वाला कोई घाव।

समय पर जांच क्यों जरूरी है?

दांतों में सड़न या मसूड़ों की बीमारी एक दिन में नहीं होती। साल में कम से कम एक बार डेंटिस्ट से जांच और स्केलिंग (सफाई) जरूर करानी चाहिए।

इससे दांतों के ऐसे हिस्सों की भी सफाई हो जाती है जहां सामान्य ब्रश नहीं पहुंच पाता, और किसी भी बीमारी का पता शुरुआती स्तर पर ही लग जाता है।

Rama Pun

रमा पुन 'दून हॉराइज़न' में हेल्थ और लाइफस्टाइल संपादक के रूप में अपनी अहम जिम्मेदारी निभा रही हैं। स्वास्थ्य, फिटनेस, खानपान और मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) के विषयों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है। रमा का फोकस हमेशा मेडिकल एक्सपर्ट्स की पुख्ता सलाह और वैज्ञानिक शोध पर आधारित (Evidence-based) खबरें लिखने पर रहता है। उनका स्पष्ट मानना है कि सेहत से जुड़ी कोई भी जानकारी शत-प्रतिशत प्रामाणिक होनी चाहिए। अपनी आकर्षक और तथ्यपरक लेखनी से वे पाठकों को एक स्वस्थ, तनावमुक्त और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए निरंतर प्रेरित और जागरूक करती हैं।

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