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उत्तराखंड भाजपा के नए प्रभारी बने राम माधव, बांसुरी स्वराज और अरविंद मेनन संभालेंगे सह-प्रभारी की कमान

उत्तराखंड भाजपा को मिला नया प्रदेश प्रभारी। हाईकमान ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव को सौंपी कमान, बांसुरी स्वराज व अरविंद मेनन बने सह-प्रभारी। जानिए 25 सितंबर की बैठक और सियासी मायने।

Published On: September 24, 2026 11:49 AM
Ram Madhav Uttarakhand BJP Incharge

HIGHLIGHTS

  • राम माधव बने उत्तराखंड भाजपा के आठवें प्रदेश प्रभारी।
  • सांसद बांसुरी स्वराज और राष्ट्रीय सचिव अरविंद मेनन को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी।
  • दून में 25 सितंबर को कोर कमेटी की पहली बैठक।
  • नवंबर में रिक्त हो रही नरेश बंसल की राज्यसभा सीट पर मंथन तेज।
  • अंकिता भंडारी प्रकरण में पिछले प्रभारी पर उठते सवालों के बीच फेरबदल।

दून हॉराइज़न, देहरादून (24 सितंबर) : आगामी विधानसभा चुनावों में जीत की हैट्रिक लगाने की फिराक में जुटी भारतीय जनता पार्टी ने उत्तराखंड के संगठनात्मक ढांचे में बड़ा फेरबदल कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के निर्देश पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव को राज्य का आठवां प्रदेश प्रभारी (State Incharge) नियुक्त किया गया है। चुनावी प्रबंधन को धार देने के लिए उनके साथ राष्ट्रीय सचिव अरविंद मेनन और नई दिल्ली से लोकसभा सांसद बांसुरी स्वराज को सह-प्रभारी की कमान सौंपी गई है।

पहाड़ी राज्यों की पेचीदा चुनावी गणित और रणनीतिक जोड़-तोड़ के माहिर माने जाने वाले राम माधव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के दिग्गज प्रचारक रहे हैं। 2014 से 2020 तक जब वे भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव थे, तब असम में पहली बार कमल खिलाने और पूर्वोत्तर के दुर्गम सियासी इलाकों में पार्टी का आधार मजबूत करने में उनकी भूमिका बेहद अहम रही थी। इतना ही नहीं, जम्मू-कश्मीर में पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार की पटकथा लिखने वाले प्रमुख रणनीतिकारों में भी उनका नाम शुमार रहा है।

विवादों से किनारा और चुनावी हैट्रिक का रोडमैप

पार्टी के भीतर इस बदलाव को महज एक सामान्य संगठनात्मक फेरबदल के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। असल में पूर्व प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम को लेकर संगठन पिछले काफी समय से असहज स्थिति में था। अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े सियासी विवादों में विपक्ष लगातार उनके नाम को घसीट रहा था, जिससे सत्ता पक्ष बैकफुट पर आ जाता था। चुनाव से ऐन पहले इस संवेदनशील मुद्दे की धार कुंद करने के लिए शीर्ष नेतृत्व ने बेदाग और वैचारिक रूप से मजबूत चेहरे को आगे कर दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस नियुक्ति का स्वागत करते हुए कहा कि राम माधव के रणनीतिक कौशल और अरविंद मेनन व बांसुरी स्वराज के जमीनी अनुभव से राज्य में बूथ स्तर तक संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी केंद्रीय नेतृत्व का आभार जताया।

बांसुरी का उत्तराखंड से पुराना नाता

सह-प्रभारी बनीं बांसुरी स्वराज का उत्तराखंड से भावनात्मक और कानूनी रिश्ता रहा है। उनकी माता, दिवंगत पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद रह चुकी थीं। सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता होने के नाते बांसुरी ने स्वयं भी राज्य सरकार के कई अहम और पेचीदा मामलों में शीर्ष अदालत में उत्तराखंड की मजबूत पैरवी की है। वहीं, अरविंद मेनन को मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में संगठन संचालन का लंबा तजुर्बा हासिल है।

25 सितंबर को दून में कोर कमेटी, राज्यसभा सीट पर फैसला

कार्यभार संभालते ही नई टीम एक्शन में दिख रही है। 25 सितंबर को देहरादून में प्रदेश कोर कमेटी की अहम बैठक बुलाई गई है, जिसकी अध्यक्षता स्वयं राम माधव करेंगे। नवंबर में राज्यसभा सदस्य नरेश बंसल का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। ऐसे में इस एकमात्र सीट के लिए प्रत्याशियों का पैनल तैयार कर केंद्रीय संसदीय बोर्ड को भेजा जाना है।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बंसल को दोबारा मौका दिए जाने के अलावा पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत, रमेश पोखरियाल निशंक, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, अनिल गोयल और बलराज पासी जैसे कद्दावर नामों पर भी चर्चा की जा रही है। इसके तुरंत बाद केंद्रीय हाईकमान चुनाव प्रभारी के नाम पर भी अंतिम मुहर लगाएगा।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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