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RBI FD Rules 2026: 1 अक्टूबर से बदल रहे हैं फिक्स्ड डिपॉजिट के नियम, निवेश से पहले जान लें पूरी डिटेल

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Amit Gawri Updated Mon, 03 Aug 2026 04:03 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक ने 1 अक्टूबर 2026 से फिक्स्ड डिपॉजिट से जुड़े नियमों में पारदर्शिता लाने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं. इन बदलावों के तहत बैंकों की हर शाखा में एक समान ब्याज दर और वेबसाइट पर दरों को सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा.

RBI FD Rules 2026: 1 अक्टूबर से बदल रहे हैं फिक्स्ड डिपॉजिट के नियम, निवेश से पहले जान लें पूरी डिटेल

मुख्य बातें

  • 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे FD के नए नियम
  • बैंक की हर शाखा में मिलेगा एक समान ब्याज
  • वेबसाइट पर सार्वजनिक प्रकाशित होंगी सभी ब्याज दरें
  • बल्क और NRI डिपॉजिट के लिए नियमों में छूट

RBI FD Rules 2026: भारतीय रिजर्व बैंक ने फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करने वाले करोड़ों ग्राहकों के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं. 1 अक्टूबर 2026 से बैंकिंग व्यवस्था के भीतर जमा राशि पर मिलने वाले ब्याज से जुड़े कई प्रशासनिक नियम बदल दिए जाएंगे. केंद्रीय बैंक का मुख्य ध्यान ग्राहकों को मिलने वाली जानकारी को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने पर टिका हुआ है.

नए नियमों के प्रभावी होने के बाद किसी भी बैंक की अलग-अलग शाखाओं में एक ही प्रकार की जमा राशि पर अलग-अलग ब्याज दर देने की प्रथा पूरी तरह समाप्त हो जाएगी. यदि कोई निवेशक एक ही दिन और समान अवधि के लिए किसी बैंक की दो अलग शाखाओं में जाकर FD खोलता है, तो दोनों ही जगह उसे बिल्कुल एक समान रिटर्न दिया जाएगा. इस कदम से क्षेत्रीय स्तर पर शाखाओं द्वारा दी जाने वाली दरों में विषमता खत्म होगी.

केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट निर्देश जारी किया है कि सभी बैंकिंग संस्थानों को अपनी आधिकारिक वेबसाइटों पर फिक्स्ड डिपॉजिट की नवीनतम दरों को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा. बैंक केवल उन्हीं दरों के आधार पर ग्राहकों को भुगतान करेंगे जो उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर पहले से प्रकाशित हैं. इससे आम निवेशकों को घर बैठे विभिन्न बैंकों की दरों की तुलना करने में सीधी मदद मिलेगी.

बड़ी रकम वाले यानी बल्क डिपॉजिट के मामले में रिजर्व बैंक ने बैंकों को अपनी तरलता की जरूरतों के हिसाब से दरें तय करने का अधिकार दिया है. बाजार की तात्कालिक स्थिति को देखते हुए बैंक बड़ी जमा राशि पर अपनी सुविधा अनुसार अलग ब्याज दर की पेशकश कर सकेंगे. यह छूट गैर-निवासी भारतीयों द्वारा जमा कराए जाने वाले रुपये वाले बड़े डिपॉजिट पर भी समान रूप से लागू रहेगी.

आरबीआई ने साफ किया है कि 1 अक्टूबर 2026 की समयसीमा का मतलब यह कतई नहीं है कि उस दिन से FD की दरें स्वतः ही घट या बढ़ जाएंगी. ब्याज दरों का निर्धारण पहले की भांति बैंक अपनी फंड लागत, बाजार में नकदी की उपलब्धता और अपनी वित्तीय जरूरतों के आधार पर ही करते रहेंगे. नए नियमों की प्राथमिक प्राथमिकता केवल दरें तय करने की प्रक्रिया को समान और स्पष्ट बनाना है.

केंद्रीय बैंक द्वारा जारी किए गए ये कड़े नियम देश भर में काम कर रहे वाणिज्यिक बैंकों, स्मॉल फाइनेंस बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों पर अनिवार्य रूप से लागू होंगे. इसके अलावा लोकल एरिया बैंक, पेमेंट बैंक और शहरी सहकारी बैंक भी इन नए पारदर्शिता मानकों के दायरे में शामिल रहेंगे.

Amit Gawri

अमित गावरी 'दून हॉराइज़न' में राष्ट्रीय समाचार लेखक के रूप में देश भर की ब्रेकिंग न्यूज़ और महत्वपूर्ण घटनाओं को प्रमुखता से कवर करते हैं। चुनाव, सरकारी योजनाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर उनकी खास विशेषज्ञता है। अमित हमेशा तथ्यों की गहराई में जाकर रिपोर्टिंग करते हैं, ताकि पाठकों को किसी भी खबर का हर पहलू स्पष्ट रूप से समझ आ सके। क्लिकबेट से दूर रहकर, वे अपनी खबरों में सटीकता और विश्वसनीयता (Trust) बनाए रखते हैं। उनका जर्नलिस्टिक अप्रोच हमेशा जनसरोकार और सटीक सूचना देने पर ही केंद्रित रहता है।

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