देहरादून। उत्तराखंड के सीमावर्ती और ऊंचाई वाले जिलों में कुदरत का दोहरा असर देखने को मिल रहा है। रक्षा भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान (DGRE) ने राज्य के तीन प्रमुख जिलों में ‘डेंजर लेवल-3’ की चेतावनी जारी की है।
चंडीगढ़ स्थित DGRE के बुलेटिन के अनुसार, उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमस्खलन का अत्यधिक जोखिम बना हुआ है। यह चेतावनी 22 मार्च की शाम 5 बजे तक के लिए प्रभावी की गई है, जिसमें स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को ढलानों से दूर रहने की हिदायत दी गई है।
रुद्रप्रयाग और बागेश्वर जिलों में भी स्थिति संवेदनशील है, जिन्हें फिलहाल डेंजर लेवल-1 में रखा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले 48 घंटों में हुई बर्फबारी के बाद बर्फ की परतें अस्थिर हो गई हैं, जिससे किसी भी समय हिमस्खलन की घटना हो सकती है।

इसी बीच, राजधानी देहरादून से राहत भरी खबर आई है, जहां लगातार 30 घंटे की बारिश ने प्रदूषण को जड़ से साफ कर दिया है। शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) शनिवार को न्यूनतम 6 दर्ज किया गया, जो ‘वेरी गुड’ की श्रेणी में आता है।
यह आंकड़ा पिछले पांच वर्षों के इतिहास में सबसे कम है, जो दून की हवा की शुद्धता का नया मानक तय कर रहा है। इससे पहले मार्च 2025 में AQI 25 और मार्च 2024 में 21 दर्ज किया गया था, जबकि इसी महीने की 8 तारीख को यह 350 के खतरनाक स्तर पर था।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में 3300 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी जारी रह सकती है। हालांकि, मैदानी इलाकों में धूप खिलने के साथ ही अधिकतम तापमान में 8.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 6.9 डिग्री तक का उछाल आने की उम्मीद है।
चमोली और उत्तरकाशी जैसे जिलों में जिला प्रशासन ने एसडीआरएफ (SDRF) को अलर्ट मोड पर रखा है। संवेदनशील ग्लेशियरों के पास जाने वाले रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके।









