धर्म डेस्क, 05 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। महीने के आखिरी दिनों में जेब खाली होना और कर्ज लेने की नौबत आना महज बढ़ती महंगाई या लाइफस्टाइल का नतीजा नहीं है, बल्कि आपके घर का वास्तु दोष इसके पीछे की एक गुप्त वजह हो सकता है.
वास्तु शास्त्र के गंभीर सिद्धांतों के अनुसार, (Vastu Tips For Money) पानी का संबंध सीधे तौर पर धन और वैभव से होता है.
यदि आपके घर के रसोई घर, बाथरूम या वॉशबेसिन का नल खराब है और उससे लगातार पानी टपक रहा है, तो समझ लीजिए कि आपकी मेहनत की कमाई भी उसी रफ्तार से बाहर बह रही है.
वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि पानी की बर्बादी घर की आर्थिक ऊर्जा (Financial Energy) को जड़ से कमजोर कर देती है.
जब पानी बूंद-बूंद करके गिरता है, तो यह ‘वरुण देव’ का अपमान माना जाता है और इससे घर में नकारात्मकता का संचार बढ़ता है, जिससे बचत करना नामुमकिन हो जाता है.
केवल नल ही नहीं, बल्कि एयर कंडीशनर (AC) से निकलने वाले पानी का गलत तरीके से टपकना भी दोषपूर्ण है.
यदि एसी का पाइप सही जगह ड्रेन होने के बजाय फर्श पर या किसी ऐसी जगह गिर रहा है जहाँ गंदगी है, तो यह घर के मुखिया की निर्णय लेने की क्षमता को भ्रमित कर सकता है.
आर्थिक तंगी से बचने के लिए सबसे पहले घर की पानी की टंकी और पाइपलाइनों का निरीक्षण करें. शास्त्रों के अनुसार, जिस घर में सीलन होती है या पाइप लीक करते हैं, वहां कभी भी लक्ष्मी का स्थायी वास नहीं होता.
इस दोष को दूर करने के लिए कुछ प्रभावी उपाय तुरंत अपनाएं:

घर के किसी भी हिस्से में लीकेज देखते ही उसे बिना देरी किए प्लंबर से ठीक करवाएं. वॉशबेसिन के नीचे होने वाली बारीक लीकेज को अक्सर लोग नजरअंदाज करते हैं, जो सबसे घातक है; इसे तुरंत बंद करें.
अगर पानी की टंकी ओवरफ्लो होती है, तो अलार्म लगवाएं ताकि पानी व्यर्थ न बहे. जिन जगहों पर पानी का जमाव रहता हो, वहां थोड़ा सा समुद्री नमक डाल दें, क्योंकि नमक नकारात्मक ऊर्जा को सोखने की अद्भुत क्षमता रखता है.
वास्तु विज्ञान में उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) को जल का स्थान माना गया है. यदि इस दिशा में जल का रिसाव हो रहा है, तो यह स्वास्थ्य संबंधी खर्चों को भी बढ़ा सकता है.
इसलिए जल की शुद्धता और उसकी सही निकासी पर ध्यान देना अत्यंत अनिवार्य है.











