धर्म डेस्क, 07 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड की राजधानी से कुछ ही दूरी पर स्थित किमाड़ी गांव इन दिनों अपनी शांत वादियों और प्राचीन नाग देवता मंदिर के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है।
पुराने मसूरी मार्ग से जुड़ा यह (Nag Devta Temple Kimadi) अब उन लोगों के लिए पहली पसंद बनता जा रहा है जो शहर की भीड़भाड़ से दूर एकांत में भगवान (Nag Devta Temple Kimadi Dehradun) के दर्शन और प्रकृति का आनंद लेना चाहते हैं।
यह मंदिर किमाड़ी की सबसे ऊंची चोटी पर स्थित है, जहां से दून घाटी का विहंगम दृश्य दिखाई देता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस क्षेत्र में नाग देवता का वास सदियों से माना जाता है और ग्रामीण किसी भी शुभ कार्य से पहले यहां मत्था टेकना अनिवार्य मानते हैं।
मंदिर की वास्तुकला साधारण लेकिन प्रभावपूर्ण है, जो पहाड़ी संस्कृति की झलक पेश करती है। किमाड़ी-लंबीधार मार्ग सड़क मार्ग से सीधे जुड़ा हुआ है, जिससे दोपहिया और चार पहिया वाहनों से यहां पहुंचना बेहद आसान है।
एडवेंचर के शौकीन लोग अक्सर देहरादून से हाथीपांव की ओर जाते समय यहां रुकते हैं। मंदिर के चारों ओर फैला बांज और बुरांश का घना जंगल इस स्थान को गर्मियों में भी ठंडा और सुकून भरा बनाए रखता है।
धार्मिक महत्व के साथ-साथ यह स्थान अब ‘ऑफबीट’ डेस्टिनेशन के रूप में विकसित हो रहा है। हाल के वर्षों में यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में 40% तक की बढ़ोतरी देखी गई है।
शाम के समय यहां से सूर्यास्त का नजारा देखने लायक होता है, जो इसे फोटोग्राफर्स के लिए एक हॉटस्पॉट बनाता है।









