धर्म डेस्क, 05 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। वास्तु शास्त्र की गहराइयों को समझें तो हमारे आसपास मौजूद हर निर्जीव वस्तु भी एक विशिष्ट ऊर्जा का संचार करती है जिसका सीधा प्रभाव हमारे मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक संबंधों पर पड़ता है.
अक्सर हम (Vastu Tips For Home) घर की सजावट या लापरवाही में ऐसी वस्तुओं को जमा कर लेते हैं जो धीरे-धीरे सुख-शांति को दीमक की तरह चाटने लगती हैं.
अगर आपके घर में बिना किसी ठोस वजह के हर छोटे-बड़े मुद्दे पर झगड़े हो रहे हैं, तो यह महज इत्तेफाक नहीं बल्कि गंभीर वास्तु दोष का संकेत हो सकता है.
वास्तु विज्ञान के विशेषज्ञों का मानना है कि घर के भीतर नकारात्मकता का संचय होने से सकारात्मक तरंगें कमजोर पड़ जाती हैं, जिससे तनाव का माहौल पैदा होता है.
टूटे कांच और दरार वाले आईने: मानसिक अशांति का द्वार
वास्तु शास्त्र में आईने को ऊर्जा का परावर्तक माना गया है, ऐसे में घर की खिड़की, अलमारी या ड्रेसिंग टेबल का टूटा हुआ कांच सबसे बड़ा दोष पैदा करता है.
दरार वाले शीशे में अपना अक्स देखना न केवल मानसिक भ्रम पैदा करता है बल्कि परिवार के सदस्यों के बीच विश्वास की कमी और दूरियां बढ़ाने का काम भी करता है.
ठहरी हुई घड़ियां: रुक जाती है प्रगति की रफ्तार
वक्त और तरक्की का सीधा संबंध आपकी दीवार पर टंगी घड़ी से होता है. बंद पड़ी या खराब घड़ी घर की जीवंतता को खत्म कर देती है और नकारात्मक ऊर्जा को एक जगह स्थिर कर देती है.

ज्योतिषीय दृष्टि से बंद घड़ी व्यक्ति के भाग्य को भी अवरुद्ध करती है, जिसके परिणामस्वरूप पति-पत्नी और बच्चों के बीच चिड़चिड़ापन और अनबन की स्थिति बनी रहती है.
कटीले पौधे और मुरझाई हरियाली: रिश्तों में चुभन का कारण
घर की सुंदरता बढ़ाने के लिए रखे गए कैक्टस या अन्य कांटेदार पौधे वास्तु के लिहाज से रिश्तों में कड़वाहट और चुभन पैदा करते हैं. इसके अलावा, गमलों में लगे सूखे हुए पौधे ‘मृत ऊर्जा’ का प्रतीक होते हैं जो घर के उत्साह को सोख लेते हैं.
सौभाग्य के लिए हमेशा ऐसे पौधे लगाएं जो ऊपर की ओर बढ़ते हों और जिनकी पत्तियां गोल व हरी-भरी हों.
रसोई के टूटे बर्तन और कबाड़: दरिद्रता को आमंत्रण
रसोई घर का वह केंद्र है जहां से पूरे परिवार को पोषण मिलता है, वहां चटके हुए या टूटे बर्तनों का उपयोग अन्नपूर्णा का अपमान माना जाता है.
यह न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है बल्कि आर्थिक तंगी और मानसिक अशांति का मुख्य कारण भी बनता है. साथ ही, सीढ़ियों के नीचे या छत पर जमा किया गया पुराना कबाड़ शनि दोष और भारी नकारात्मक ऊर्जा का केंद्र होता है.
खंडित मूर्तियां और उदास तस्वीरें: घर की ऊर्जा में गिरावट
पूजा स्थल या घर के किसी भी कोने में खंडित यानी टूटी हुई मूर्तियां रखना भारी दोष माना जाता है, क्योंकि ऐसी मूर्तियों की प्राण-ऊर्जा समाप्त हो जाती है.

इसके अतिरिक्त, घर की दीवारों पर कभी भी डूबते हुए जहाज, हिंसक जानवरों, रोते हुए लोगों या युद्ध के दृश्य वाली तस्वीरें न लगाएं.
ऐसी छवियां अवचेतन मन पर गहरा नकारात्मक प्रभाव डालती हैं और घर के सदस्यों को अक्सर उदास व लड़ाकू बनाती हैं.












