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अमृता विश्वविद्यालय में यूनेस्को की अहम बैठक, 2026-27 के लिए बनी खास रणनीति

अमृता विश्व विद्यापीठम में दक्षिण एशिया यूनेस्को चेयर्स राउंड टेबल का आयोजन किया गया। इसमें भारत समेत चार देशों के प्रतिनिधियों ने 2026-2027 के लिए जलवायु परिवर्तन, नैतिक एआई और तकनीकी बदलावों की रणनीतिक प्राथमिकताओं पर चर्चा की।

अमृता विश्वविद्यालय में यूनेस्को की अहम बैठक, 2026-27 के लिए बनी खास रणनीति

HIGHLIGHTS

  • यूनेस्को के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय निदेशक टिम कर्टिस ने कार्यक्रम को संबोधित किया।
  • भारत, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका के 22 से अधिक शिक्षाविदों ने लिया हिस्सा।
  • 'ट्रिपल प्लैनेटरी क्राइसिस' और डिजिटल परिवर्तन पर रणनीतिक फोकस।
  • अमृता विश्वविद्यालय तीन यूनेस्को चेयर्स वाला भारत का एकमात्र संस्थान है।

अमृतपुरी, 4 जून 2026 (दून हॉराइज़न)। केरल स्थित अमृता विश्व विद्यापीठम ने दो दिवसीय दक्षिण एशिया यूनेस्को चेयर्स राउंड टेबल की मेजबानी की है। इस उच्च स्तरीय बैठक में भारत, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका के 22 से अधिक प्रतिनिधियों और शिक्षाविदों ने हिस्सा लिया। चर्चा का मुख्य केंद्र यूनेस्को की 2026-2027 की प्राथमिकताओं को तय करना और क्षेत्रीय स्तर पर चल रहे शोध कार्यों को वैश्विक लक्ष्यों के साथ जोड़ना था।

यूनेस्को के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय कार्यालय के निदेशक टिम कर्टिस ने बैठक के दौरान यूनेस्को चेयर्स के महत्व को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि चेयर्स संगठन के वैश्विक नेटवर्क का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इनका सीधा असर नीतिगत स्तर की चर्चाओं पर पड़ता है।

इन अहम विषयों पर हुई चर्चा

इस राउंड टेबल बैठक में ‘ट्रिपल प्लैनेटरी क्राइसिस’ यानी जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और जैव विविधता में आ रही कमी को लेकर गंभीर विमर्श हुआ। इसके अलावा तकनीकी क्षेत्र में आ रहे बदलावों को देखते हुए डिजिटल परिवर्तन और नैतिक एआई (Ethical AI) पर रणनीति तैयार की गई। लैंगिक समानता और भविष्य की नीतियों में युवाओं की भागीदारी भी चर्चा के मुख्य विषयों में शामिल रही।

हाइब्रिड प्रारूप में आयोजित इस बैठक में यूनेस्को के बांग्लादेश प्रतिनिधि सुसान वाइज और नेपाल के प्रतिनिधि जैको डु टॉइट ने भी हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान विदेशी प्रतिनिधियों और यूनेस्को चेयरधारकों के प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की कुलाधिपति श्री माता अमृतानंदमयी देवी से मुलाकात कर सामुदायिक पहलों पर विचार साझा किए।

अमृता विश्वविद्यालय की खास उपलब्धि

शिक्षा और शोध के क्षेत्र में अमृता विश्व विद्यापीठम भारत का एकमात्र ऐसा विश्वविद्यालय है, जहां तीन यूनेस्को चेयर्स स्थापित हैं। इनमें डॉ. भवानी राव के नेतृत्व में ‘जेंडर इक्वैलिटी एंड वीमेन एम्पावरमेंट’, डॉ. मनीषा वी. रमेश के निर्देशन में ‘एक्सपीरिएंशियल लर्निंग फॉर सस्टेनेबल इनोवेशन एंड डेवलपमेंट’ और डॉ. प्रेमा नेदुंगाडी की अगुवाई में ‘असिस्टिव टेक्नोलॉजीज़ इन एजुकेशन’ शामिल हैं।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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