नई दिल्ली, 05 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। भारतीय संस्कृति में सदियों से यह धारणा रही है कि विवाह के लिए लड़के की उम्र लड़की से अधिक होनी चाहिए, लेकिन आधुनिकता के इस दौर में अब यह रूढ़िवादी जंजीरें टूटती नजर आ रही हैं। समाज में अब ऐसी शादियों की स्वीकार्यता बढ़ी है जहाँ पत्नी पति से उम्र में बड़ी है।
हालिया वर्षों में बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा धूपिया का उदाहरण सबसे प्रमुख रहा है, जिन्होंने खुद से दो साल छोटे अपने मित्र और अभिनेता अंगद बेदी को जीवनसाथी चुना। दिल्ली में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुई इस शादी ने उन लोगों को करारा जवाब दिया जो उम्र के अंतर को रिश्ते की विफलता का पैमाना मानते थे।
दरअसल, प्रोफेशनल दुनिया में अपनी धाक जमा चुकी और आर्थिक रूप से स्वतंत्र लड़कियां आजकल कम उम्र के लड़कों की ओर अधिक आकर्षित हो रही हैं। इसके पीछे केवल भावनाएं ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक और मनोवैज्ञानिक कारण भी छिपे हैं। जब एक अनुभवी और करियर में सेटल महिला किसी छोटे उम्र के व्यक्ति के साथ जुड़ती है, तो वह भावनात्मक रूप से अधिक सशक्त होती है।
वह अपने पार्टनर पर निर्भर रहने के बजाय अपनी परिपक्वता से उनके करियर को दिशा देने और बेहतर मार्गदर्शन देने में सक्षम होती है। इसके विपरीत, कम उम्र की लड़कियां अक्सर हर छोटे-बड़े फैसले के लिए अपने पति पर निर्भर रहती हैं, जिससे रिश्ते में असंतुलन पैदा हो सकता है।
मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो कम उम्र के लड़कों में वह ‘ईगो प्रॉब्लम’ या पुरुष प्रधान अहंकार कम होता है, जो अक्सर बड़ी उम्र के पुरुषों में घर कर जाता है। वे अपनी पत्नी की सफलताओं से असुरक्षित महसूस करने के बजाय उनके साथ जश्न मनाते हैं। चूंकि वे खुद भी करियर के शुरुआती या संघर्षपूर्ण दौर में होते हैं, इसलिए वे अपनी पार्टनर की मेहनत और उपलब्धियों को बेहतर तरीके से समझकर उन्हें पूरा सपोर्ट देते हैं।
शारीरिक और मानसिक ऊर्जा के मामले में भी यह समीकरण काफी प्रभावी साबित होता है। कम उम्र के पुरुष स्वाभाविक रूप से अधिक सक्रिय, उत्साही और नए अनुभवों को लेकर खुले विचारों वाले होते हैं। उनके साथ रहने वाली महिलाओं का जीवन भी नीरसता से दूर रोमांच से भरा रहता है।
शारीरिक संबंधों के मामले में भी रिसर्च यह संकेत देते हैं कि पुरुषों में खुद से बड़ी उम्र की महिलाओं के प्रति आकर्षण होने पर ‘टेस्टोस्टेरोन’ का स्तर बढ़ जाता है, जो उनकी सेक्स लाइफ को अधिक ऊर्जावान और सुखद बनाता है। इसके अलावा, छोटे पार्टनर के साथ पुरानी यादों या पिछले रिश्तों का बोझ (पास्ट बैगेज) होने की संभावना भी कम रहती है, जिससे रिश्ते में ताजगी बनी रहती है।










