भागलपुर, 04 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। बिहार के भागलपुर स्थित तिलकामांझी विश्वविद्यालय (TMBU) में उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के दौरान शिक्षा व्यवस्था (Bihar Board Funny Answer Sheet) और छात्रों की तैयारी की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर परीक्षक भी अपना सिर पकड़ने पर मजबूर हैं।
स्नातक पार्ट-वन की कॉपियों की जांच के दौरान छात्र-छात्राओं की अतरंगी रचनात्मकता ने शिक्षकों को हैरत में डाल दिया है। किसी ने अपनी शादी रुकने का वास्ता दिया है, तो कोई केमेस्ट्री के मुश्किल फॉर्मूलों के बदले मोहम्मद रफी के सदाबहार नगमे लिख रहा है।
विश्वविद्यालय के मूल्यांकन केंद्र पर सबसे ज्यादा चर्चा उस छात्र की है जिसने अपनी केमेस्ट्री की उत्तरपुस्तिका में सीधे तौर पर प्रोफेसर को भावनात्मक रूप से प्रभावित करने की कोशिश की। छात्र ने कॉपी में लिखा, “सर, मेरी शादी होने वाली है, प्लीज मुझे पास कर दीजिए।”
छात्र का इशारा साफ था कि यदि वह इस परीक्षा में असफल होता है, तो उसका रिश्ता टूट सकता है। शिक्षा के मंदिर में परीक्षा के उत्तर लिखने के बजाय छात्र अपनी निजी जिंदगी की दुश्वारियों का हवाला देकर अंक बटोरने की जुगत में लगे हैं।
हद तो तब हो गई जब अंग्रेजी और विज्ञान जैसे विषयों की कॉपियों में संगीत और शायरी का तड़का देखने को मिला। एक परीक्षार्थी ने अपनी उत्तरपुस्तिका के पन्नों पर मोहम्मद रफी का मशहूर गाना ‘तेरे घर के सामने, एक घर बनाऊंगा…’ पूरा लिख डाला। वहीं कुछ छात्रों ने गजलें और लंबी कहानियां लिखकर पन्ने भरने की खानापूर्ति की है।
चौंकाने वाली बात यह है कि अंग्रेजी की कॉपियों में कई छात्रों ने हिंदी के गानों का अनुवाद करने की कोशिश की है या उन्हें देवनागरी में ही लिख दिया है।
TNB कॉलेज के रसायन शास्त्र विभाग के वरिष्ठ शिक्षक डॉ. राजीव सिंह ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनके अनुसार, पहले इक्का-दुक्का मामलों में छात्र ऐसी अपील करते थे, लेकिन अब यह चलन तेजी से बढ़ा है।
मूल्यांकन के दौरान यह पाया गया कि केवल 10 प्रतिशत छात्र ही ऐसे हैं जिन्होंने प्रश्नों को सही ढंग से समझा और उनके सटीक उत्तर लिखे। बाकी छात्रों ने या तो प्रश्न से पूरी तरह हटकर जवाब दिए हैं या फिर खाली पन्ने भरे हैं।
यह मामला केवल टीएमबीयू तक सीमित नहीं है, सोशल मीडिया पर ऐसी कई कॉपियां पहले भी वायरल हो चुकी हैं। एक पुराने मामले में छात्र ने पासिंग मार्क्स (28 नंबर) की मांग करते हुए शिक्षक को उसके परिवार और बेटे तक की कसम दे दी थी।
कॉपियों में इस तरह की हरकतें न केवल छात्रों की लापरवाही को दर्शाती हैं, बल्कि उच्च शिक्षा के गिरते स्तर और छात्रों में परीक्षा के प्रति गंभीरता की कमी को भी उजागर करती हैं। मूल्यांकन कर रहे शिक्षकों का कहना है कि नियमों के मुताबिक ऐसी कॉपियों पर शून्य अंक ही दिए जाते हैं।











