दून हॉराइज़न, देहरादून (25 सितम्बर) : मोहब्बेवाला का ढलान एक बार फिर बड़े हादसे का गवाह बना। नेशनल हाईवे से शहर में दाखिल हो रहा ईंटों से भरा एक बेकाबू ट्रक सुरक्षा दीवार को मलबे में तब्दील करता हुआ सीधे गर्ल्स हॉस्टल परिसर में पलट गया। घटना सुबह की है, जब चारों तरफ सन्नाटा था।
अचानक दीवार टूटने और भारी भरकम वाहन के पलटने की भीषण गड़गड़ाहट से पूरे इलाके और हॉस्टल में सो रही छात्राओं के बीच दहशत फैल गई। गनीमत रही कि ट्रक हॉस्टल के मुख्य रिहायशी ब्लॉक से कुछ दूरी पर ही रुक गया, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई।
रंबल स्ट्रिप पर उछला भारी वाहन और फेल हो गए ब्रेक
मुजफ्फरनगर से ईंट लोड कर आ रहे ट्रक चालक मशरूर के मुताबिक, नेशनल हाईवे (National Highway) से दून सीमा में उतरते वक्त मोहब्बेवाला ढलान पर भारी रंबल स्ट्रिप (Rumble Strip) लगाई गई हैं। चालक ने गति धीमी करने के लिए ब्रेक दबाए, लेकिन लदे हुए ट्रक को रंबल पट्टियों से इतना तेज झटका लगा कि उसका संतुलन बिगड़ गया और वाहन के ब्रेक सिस्टम ने पूरी तरह काम करना बंद कर दिया।
सामने सड़क पर मौजूद वाहनों और राहगीरों को कुचलने से बचाने के लिए उसने स्टीयरिंग किनारे की ओर मोड़ दी। रफ्तार इतनी तेज थी कि वाहन करीब दो सौ मीटर तक अनियंत्रित दौड़ता चला गया और सीधे किनारे स्थित गर्ल्स हॉस्टल की चारदीवारी को ध्वस्त करते हुए अंदर जा गिरा।
पूर्व हादसे के बाद लिए गए प्रशासनिक फैसले पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों में इस घटना के बाद तीखा आक्रोश देखने को मिल रहा है। असल में, कुछ दिन पहले ही मोहब्बेवाला के इसी ढलान पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उस हादसे के बाद खुद देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र डोबाल और तत्कालीन जिलाधिकारी आशीष चौहान ने मौके का स्थलीय निरीक्षण किया था।
अधिकारियों ने गति नियंत्रण के लिए लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई को रंबल स्ट्रिप बिछाने का निर्देश दिया था। तकनीकी जानकारों और भारी वाहन चालकों की मानें तो तीव्र ढलान पर मानक से अधिक ऊंची या गलत अंतराल पर लगाई गई रंबल स्ट्रिप भारी वाहनों के सस्पेंशन और एयर-प्रेशर ब्रेक सिस्टम पर उल्टा असर डालती हैं। कंपन से ब्रेक पाइपलाइन या प्रेशर वॉल्व प्रभावित होने का जोखिम बढ़ जाता है।
क्रेन से हटाया गया मलबा, क्लेमेंटाउन पुलिस ने शुरू की जांच

थाना क्लेमेंटाउन प्रभारी लोकपाल परमार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि सूचना पाते ही पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंच गया था। केबिन में फंसे घायल चालक को सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक चिकित्सा के लिए अस्पताल भेजा गया। हादसे में किसी भी स्थानीय नागरिक या हॉस्टल की छात्रा को कोई चोट नहीं आई है। पुलिस टीम ने भारी क्रेन बुलाकर हॉस्टल परिसर में पलटे ट्रक और हाईवे पर बिखरी ईंटों को हटाकर यातायात बहाल कराया।
हादसा तो टल गया, पर सवाल कायम है – क्या पीडब्ल्यूडी और हाईवे इंजीनियर इस ढलान की तकनीकी समीक्षा करेंगे या किसी और बड़े हादसे का इंतजार होगा?









