ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम बिज़नेस खेल मनोरंजन ऑटो गैजेट्स धर्म राशिफल आज का पंचांग
हेल्थ लाइफस्टाइल करियर ट्रेंडिंग

उत्तराखंड कांग्रेस का देहरादून में जोरदार प्रदर्शन, सचिवालय घेर फूंका मुख्य निर्वाचन आयुक्त का पुतला

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Fri, 25 Sep 2026 06:26 PM IST

उत्तराखंड कांग्रेस ने देहरादून में सचिवालय स्थित निर्वाचन कार्यालय का घेराव कर मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका। वोटर लिस्ट से नाम काटने और फॉर्म-7 के दुरुपयोग का लगाया आरोप।

Uttarakhand Congress Secretariat Protest

मुख्य बातें

  • सचिवालय स्थित मुख्य निर्वाचन कार्यालय पर कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन।
  • मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का फूंका पुतला, इस्तीफे की मांग।
  • फॉर्म-7 का गलत इस्तेमाल कर वैध वोट काटने का आरोप।
  • राष्ट्रपति के नाम एसडीएम सदर को सौंपा गया 9-सूत्रीय मांग पत्र।
  • हरीश रावत, गणेश गोदियाल और शैलजा समेत कई दिग्गज नेता रहे शामिल।

दून हॉराइज़न, देहरादून (25 सितंबर) : राजधानी की शांत सड़कों पर आज अचानक सियासी तापमान उस वक्त चढ़ गया, जब सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ता झंडे-बैनर लिए सचिवालय की तरफ बढ़ निकले। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के देशव्यापी आह्वान पर उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य की अगुवाई में कांग्रेसजनों ने सचिवालय स्थित राज्य निर्वाचन कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner) ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

सचिवालय के बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच माहौल काफी देर तक तनावपूर्ण बना रहा। कांग्रेस नेताओं ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सदर के जरिए महामहिम राष्ट्रपति को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें निर्वाचन आयोग को तुरंत प्रभाव से भंग करने और शीर्ष चुनाव अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई गई।

फॉर्म-7 का दुरुपयोग और मतदाता सूची से नाम काटने का विवाद

विपक्ष के इस आक्रोश की मुख्य वजह राज्य में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया है। कांग्रेस का आरोप है कि विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में सत्ता पक्ष के इशारे पर फॉर्म-7 (Form 7) का सुनियोजित और बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया जा रहा है। दरअसल, नियमों के मुताबिक फॉर्म-7 का इस्तेमाल किसी मृत, स्थानांतरित या अपात्र व्यक्ति का नाम वोटर लिस्ट से हटाने के लिए किया जाता है।

पार्टी का सीधा आरोप है कि कई इलाकों में ऐसे बाहरी लोगों ने थोक के भाव फॉर्म भरकर आपत्तियां दर्ज कराई हैं, जिनका संबंधित मतदाताओं से कोई सीधा नाता ही नहीं है। नेताओं ने कहा कि बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) द्वारा बिना मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन किए, सीधे वैध मतदाताओं के नाम काटने की कोशिश की जा रही है, जो सीधे-सीधे मताधिकार छीनने की आपराधिक साजिश है।

राष्ट्रपति को भेजा 9-सूत्रीय मांग पत्र, निष्पक्ष जांच की गुहार

एसडीएम सदर को सौंपे गए मांग पत्र में कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग पर एकतरफा निर्णय थोपने का आरोप मढ़ा। ज्ञापन में मुख्य रूप से यह रेखांकित किया गया कि निर्वाचन आयोग के दो अन्य आयुक्तों की कथित असहमति के बावजूद मुख्य निर्वाचन आयुक्त मनमाने फैसले ले रहे हैं।

कांग्रेस ने मांग रखी है कि जिन भी व्यक्तियों ने असामान्य रूप से बड़ी संख्या में फॉर्म-7 जमा किए हैं, उनकी पहचान और विधानसभा-वार ब्योरा तत्काल सार्वजनिक किया जाए। साथ ही, जब तक संबंधित मतदाता को व्यक्तिगत रूप से सुनवाई का पूरा मौका न मिले, तब तक किसी भी नागरिक का नाम मतदाता सूची से बाहर न किया जाए। ज्ञापन में निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए संस्थागत जवाबदेही तय करने का आग्रह किया गया।

मौके पर मौजूद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि जब लोकतंत्र की बुनियादी सीढ़ी यानी निष्पक्ष चुनाव प्रणाली पर ही सवाल उठने लगें, तो सड़कों पर उतरना मजबूरी बन जाता है। इस प्रदर्शन में करन माहरा, भुवन कापड़ी, प्रदीप टम्टा और विक्रम सिंह नेगी समेत कई मौजूदा विधायक और पूर्व मंत्री शामिल रहे। प्रदर्शन के चलते सुभाष रोड और सचिवालय के आसपास के रास्तों पर घंटों जाम की स्थिति बनी रही, जिससे आम लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Leave a Comment