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Uttarakhand Railway Projects : हरिद्वार-देहरादून रेल ट्रैक होगा डबल, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन से सीएम धामी की बड़ी बैठक

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने सीएम धामी के साथ बैठक कर राज्य के पेंडिंग रेल प्रोजेक्ट्स का पूरा ड्राफ्ट पेश किया। टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन की डीपीआर तैयार कर ली गई है और जल्द ही हरिद्वार-देहरादून ट्रैक का दोहरीकरण शुरू होगा।

Uttarakhand Railway Projects : हरिद्वार-देहरादून रेल ट्रैक होगा डबल, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन से सीएम धामी की बड़ी बैठक

HIGHLIGHTS

  • टनकपुर-बागेश्वर प्रोजेक्ट की डीपीआर और सर्वे पूरा।
  • हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन का होगा दोहरीकरण।
  • नवंबर 2026 तक नई रेल लाइनों पर ठोस प्रगति के निर्देश।
  • कुंभ मेले के लिए हरिद्वार और रुड़की में बढ़ेंगी सुविधाएं।

Uttarakhand Railway Projects : टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना का सर्वे पूरा कर रेलवे ने अपनी डीपीआर बिल्कुल तैयार कर ली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार को इस साल नवंबर 2026 तक ग्राउंड जीरो पर ठोस प्रगति दिखाने के सख्त निर्देश दिए हैं। प्रोजेक्ट रफ्तार पकड़ेगा।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में रेलवे के उच्चाधिकारियों की बड़ी बैठक बुलाई गई। राज्य में रेल कनेक्टिविटी और भविष्य की आवश्यकताओं का पूरा ब्लूप्रिंट मेज पर रखा गया। सीएम धामी ने हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन को डबल करने की दिशा में तत्काल विधिक और तकनीकी कार्यवाही शुरू करने का ड्राफ्ट पेश किया। सिंगल ट्रैक इतिहास बनेगा।

आगामी कुंभ और कांवड़ मेले के भारी दबाव को देखते हुए प्रशासन और रेलवे दोनों अलर्ट मोड पर आ गए हैं। हरिद्वार, ऋषिकेश और रुड़की रेलवे स्टेशनों पर बढ़ने वाले यात्रियों के सैलाब को संभालने के लिए विशेष आधुनिक सुविधाएं विकसित करने पर मुहर लग गई है। श्रद्धालुओं की राह आसान होगी।

गढ़वाल और कुमाऊं दोनों मंडलों के प्रमुख एंट्री पॉइंट वाले स्टेशनों का पूरा कायाकल्प होना तय हुआ है। गढ़वाल मंडल के देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश और रुड़की के साथ ही कुमाऊं मंडल के हल्द्वानी, काठगोदाम, रामनगर और टनकपुर रेलवे स्टेशनों को हाईटेक व्यवस्थाओं से लैस करने की संस्तुति दी गई है। प्रवेश द्वार चमकाए जाएंगे।

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना राज्य की सबसे अहम और सामरिक दृष्टि से सबसे संवेदनशील परियोजना है। धामी ने बदरीनाथ और केदारनाथ धाम आने वाले यात्रियों की सुरक्षा और सुगमता के लिए तय समयावधि के भीतर इस प्रोजेक्ट का काम खत्म करने का अल्टीमेटम थमाया है। पहाड़ों के भीतर ट्रेन दौड़ेगी।

कर्णप्रयाग-बागेश्वर और किच्छा-खटीमा रेल लाइन की फाइलों पर भी लंबी चर्चा हुई। क्षेत्रीय संतुलित विकास और भविष्य की व्यावसायिक जरूरतों को देखते हुए इन नए ट्रैक्स पर कागजी कार्यवाही आगे बढ़ाने के लिए रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने अपनी स्वीकृति दे दी है। व्यापारिक रास्ते खुलेंगे।

रेलवे नेटवर्क के इस भारी विस्तार से प्रदेश में तीर्थाटन और पर्यटन सीधा स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ को नई ऊर्जा देगा। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने सीएम की ओर से रखे गए सभी एजेंडों पर पूरी गंभीरता से टेंडरिंग और ग्राउंड वर्क शुरू करने का भरोसा दिया।

शुक्रवार शाम की इस उच्च स्तरीय बैठक में शासन के अहम अधिकारी भी लगातार मौजूद रहे। सचिव बृजेश कुमार संत और अपर सचिव रीना जोशी ने राज्य सरकार की तरफ से रेलवे के सामने भूमि और अन्य लॉजिस्टिक सपोर्ट का पूरा ब्यौरा पेश किया। बैठकों का दौर जारी है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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