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उत्तराखंड : दूरस्थ पहाड़ी ब्लॉकों में सुधरेगा स्कूलों का हाल, शिक्षा मंत्री ने जारी किया पोस्टिंग आदेश

उत्तराखंड शिक्षा विभाग ने 24 नए उप शिक्षा अधिकारियों को पर्वतीय और सीमांत ब्लॉकों में पहली तैनाती दी है। डॉ. धन सिंह रावत के अनुमोदन के बाद आदेश जारी, देखें पूरी सूची।

Uttarakhand Education Department Posting

HIGHLIGHTS

  • राज्य लोक सेवा आयोग से चयनित 48 अफसरों में से 24 को मिली पहली तैनाती।
  • सबसे ज्यादा 9 नए अधिकारी अकेले पौड़ी गढ़वाल के दुर्गम ब्लॉकों में भेजे गए।
  • पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी और अल्मोड़ा के सीमांत क्षेत्रों को पहली प्राथमिकता दी गई।
  • विभागीय प्रशिक्षण पूरा कर रहे बाकी 24 अधिकारियों को भी जल्द मिलेगी पोस्टिंग।

दून हॉराइज़न, देहरादून (01 अक्टूबर) : राज्य के सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों में चरमराई प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए शासन ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। विद्यालयी शिक्षा विभाग ने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) से चयनित 48 उप शिक्षा अधिकारियों में से पहले बैच के 24 अफसरों को ब्लॉक स्तर पर पहली फील्ड पोस्टिंग दे दी है। विभागीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की हरी झंडी मिलते ही इन सभी नवचयनित अधिकारियों के पदस्थापना आदेश जारी कर दिए गए।

काफी समय से प्रदेश के कई विकासखंडों में उप शिक्षा अधिकारी (Deputy Education Officer) के पद रिक्त चल रहे थे, जिसकी वजह से खंड शिक्षा अधिकारियों पर दोहरे प्रभार का दबाव था।

पौड़ी गढ़वाल पर सबसे ज्यादा फोकस, 9 ब्लॉकों को मिले नियमित अफसर

विभाग की ओर से जारी आवंटन सूची पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा तैनाती पौड़ी जिले में की गई है। यहां भौगोलिक रूप से बेहद विषम और दूरस्थ समझे जाने वाले द्वारीखाल ब्लॉक में बिनीता रावत और बीरोंखाल में राज कुमार सिंह डसीला को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसके अलावा भावना चाहल को जयहारीखाल, कुणाल सिंह को पाबौं, शुभम गुप्ता को खिर्सू और मनीष मोहन नेगी को यमकेश्वर ब्लॉक की कमान मिली है। वहीं थलीसैण में राजेश परमार, एकेश्वर में दीपक लखेड़ा और कल्जीखाल में उमेश चंद्र सुयाल को नियुक्त किया गया है। इन क्षेत्रों में लंबे समय से स्कूलों के औचक निरीक्षण और शिक्षकों की उपस्थिति की नियमित मॉनिटरिंग को लेकर स्थानीय स्तर पर शिकायतें मिल रही थीं।

चमोली, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी के सीमांत क्षेत्रों को भी मिली तवज्जो

गढ़वाल और कुमाऊं के अन्य पर्वतीय जनपदों में भी खाली कुर्सियां भर दी गई हैं। कुमाऊं मंडल के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में राहुल सिंह रैंसवाल को कनालीछीना, बलवन्त नाथ को मूनाकोट और चीन सीमा से सटे मुनस्यारी में योगेन्द्र कुमार शर्मा को भेजा गया है। अल्मोड़ा जनपद के सल्ट में राविन्स, लमगड़ा में अमित राणा और भिकियासैंण में मनोज सिंह को तैनात किया गया है। नैनीताल के पर्वतीय हिस्से ओखलकांडा में प्रवीण दिगारी और रामगढ़ में परवीन अजहर पदभार संभालेंगे।

चमोली के आपदा संवेदनशील नंदानगर (घाट) ब्लॉक में अंशिका बिष्ट और नारायणबगड़ में रूबी नेगी को जिम्मेदारी मिली है। टिहरी जिले के चार ब्लॉकों में देवप्रयाग (दिव्या जोशी), जाखणीधार (आशुतोष राणा), प्रतापनगर (आयुष बन्धानी) और थौलधार (समीक्षा उनियाल) शामिल हैं। उत्तरकाशी जिले के रवाईं परगना स्थित पुरोला में राजन सिंह ठाकुर को भेजा गया है।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के अनुसार दूरदराज के क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक निगरानी को मजबूत करने के लिए यह पहली खेप भेजी गई है। फिलहाल प्रशिक्षण ले रहे शेष 24 अधिकारियों का इंडक्शन कोर्स पूरा होते ही उन्हें भी मैदानी व अन्य पर्वतीय ब्लॉकों में भेज दिया जाएगा।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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