देहरादून। राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष संजय नेगी ने मंगलवार को राजधानी स्थित कार्यालय में जनसुनवाई करते हुए सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए। आयोग के समक्ष हरिद्वार और देहरादून के 7 गंभीर मामले पहुंचे, जिनमें नियुक्ति, पुरानी पेंशन और बकाया देयकों का भुगतान मुख्य रहा।
सबसे संवेदनशील मामला हरिद्वार के मुकेश कुमार का रहा, जिनके पिता की होमगार्ड सेवा के दौरान मृत्यु हो गई थी। विभाग द्वारा आश्रित कोटे के तहत नियुक्ति न दिए जाने पर संजय नेगी ने वैयक्तिक निरीक्षक विनोद सिंह के तर्कों को सिरे से खारिज कर दिया। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि विभाग को ऐसे मामलों में तकनीकी अड़चनों के बजाय मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर सहानुभूतिपूर्वक विचार करना चाहिए।
पेंशन और विनियमितीकरण के मसले पर भी आयोग ने सख्त रुख अपनाया। मुस्ताक आलम के पुरानी पेंशन प्रकरण में लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिया गया कि वे कार्मिक और न्याय विभाग से तत्काल परामर्श लेकर मामले का निस्तारण करें। वहीं, कन्हैया लाल पॉलिटेक्निक रुड़की में साल 1996 से संविदा पर कार्यरत राजकुमार के विनियमितीकरण की फाइल अब तक न खुलने पर आयोग ने कड़ा संज्ञान लिया।
रुड़की पॉलिटेक्निक मामले की गंभीरता को देखते हुए अध्यक्ष ने आयोग के सदस्य प्रहलाद चौधरी को स्वयं संस्थान जाकर मौके पर परीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके अलावा, हरपाल सिंह के बोनस भुगतान और पलक सैनी के बैंक ऋण संबंधी मामलों में भी संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार तत्काल कार्यवाही के आदेश दिए गए। बैठक में सचिव गोरधन सिंह सहित आयोग के सभी सदस्य और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।









