देहरादून। उत्तराखंड में हिमालयी धामों की यात्रा (Chardham Yatra 2026) को लेकर श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है और महज दो हफ्तों के भीतर पंजीकरण का आंकड़ा 6.17 लाख के पार पहुंच गया है। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने आगामी यात्रा सीजन 2026-27 के लिए 121 करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड बजट आवंटित किया है। इस बार केदारनाथ धाम के लिए सबसे अधिक 2.06 लाख और बदरीनाथ के लिए 1.82 लाख से ज्यादा भक्तों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।
BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया है कि मंदिर की मर्यादा बनाए रखने के लिए परिसर में फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और रील बनाने पर सख्त पाबंदी रहेगी। निर्धारित दूरी तक मोबाइल फोन का इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा ताकि दर्शन व्यवस्था में कोई बाधा न आए। इसके साथ ही ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप में मंदिर समिति का नया शिविर कार्यालय खोला जाएगा ताकि यात्रियों को तत्काल सहायता मिल सके।
समिति ने एक बड़ा नीतिगत निर्णय लेते हुए मंदिर परिसर में गैर-सनातनियों के प्रवेश पर रोक लगाने का प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित कर शासन को भेज दिया है। धार्मिक शुचिता सुनिश्चित करने के साथ-साथ तीर्थ पुरोहितों के आर्थिक संरक्षण के लिए ‘तीर्थ पुरोहित कल्याण कोष’ की स्थापना की जा रही है। यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए बदरीनाथ धाम हेतु 57.47 करोड़ और केदारनाथ के लिए 63.60 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष शीतकालीन पूजा स्थलों पर भी रिकॉर्ड भीड़ देखी गई, जहां 16 मार्च तक 51 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही यात्रा विधिवत शुरू हो जाएगी। प्रशासन अब मंदिर परिसरों के रंग-रोगन, रेलिंग मरम्मत और पेयजल व्यवस्था को अंतिम रूप देने में जुटा है।









