देहरादून। उत्तराखंड की उभरती हुई थारू लोकगायिका रिंकू राणा (Rinku Rana) की गुरुवार को सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई। रिंकू अपने मायके बिडौरी में होली मनाने आई थीं। वह अपनी 10 वर्षीय भतीजी के साथ बरुगाबाग से स्कूटी द्वारा बिडौरी की ओर जा रही थीं। इसी दौरान ग्राम बिचपुरी के पास ईंटों से लदी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी।
स्थानीय लोगों ने तत्काल रिंकू को घायल अवस्था में उप जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां परीक्षण के बाद चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे में उनकी भतीजी को भी चोटें आई हैं, हालांकि उसकी स्थिति अब स्थिर है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जताया शोक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने रिंकू राणा के निधन पर गहरा दुख प्रकट किया है। मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक संदेश में कहा कि लोकसंस्कृति और लोकसंगीत के संरक्षण में रिंकू का योगदान हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रिंकू ने अपने गीतों के जरिए थारू समाज की परंपराओं को एक नई पहचान दिलाई थी। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिजनों और प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
थारू संस्कृति के संरक्षण में बड़ा योगदान
रिंकू राणा बंटी राणा (Bunty Rana) म्यूजिकल ग्रुप की प्रमुख सदस्य थीं। वह थारू संस्कृति के पारंपरिक गीतों के अलावा हिंदी, कुमाउनी और भजनों के गायन के लिए जानी जाती थीं।

रिंकू ने बचपन से ही अपने भाई के साथ भजन गायन के क्षेत्र में कदम रख दिया था। वह तीन भाइयों की इकलौती बहन थीं। उनके परिवार में एक बेटा भी है, जो चौथी कक्षा का छात्र है। रिंकू की मौत की खबर के बाद से ही क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों में शोक की लहर है।
पुलिस कार्रवाई और फरार चालक की तलाश
सड़क दुर्घटना को अंजाम देने के बाद ट्रैक्टर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्कूटी और ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस ने रिंकू के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। वर्तमान में पुलिस फरार चालक की पहचान करने और मामले की वैधानिक जांच में जुटी हुई है। अस्पताल में उनके समर्थकों और परिजनों का जमावड़ा लगा हुआ है।










