देहरादून। राजधानी के प्रेमनगर क्षेत्र में मांडूवाला रोड पर एक हफ्ते पहले प्लास्टिक के कट्टे में मिली अज्ञात महिला की लाश की गुत्थी को दून पुलिस ने सुलझा लिया है। इस सनसनीखेज हत्याकांड को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि मृतका का पति रंजीत शर्मा ही निकला।
पुलिस ने आरोपी को भाटोवाला क्षेत्र से गिरफ्तार किया है, जिसने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है।
बीते 11 मार्च को शीतला माता मंदिर के पास एक सफेद कट्टे में महिला का शव मिला था, जिसका चेहरा बुरी तरह खराब हो चुका था। एसएसपी देहरादून ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 8 अलग-अलग टीमों का गठन किया था। चूंकि मौके पर कोई सीसीटीवी नहीं था, इसलिए पुलिस ने मैन्युअल पुलिसिंग का सहारा लिया और करीब 5000 बाहरी व्यक्तियों का डेटा खंगाला।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि झाझरा की एक निर्माणाधीन साइट पर रहने वाला बिहार का मजदूर रंजीत शर्मा होली के बाद से अपनी पहली पत्नी के बिना देखा गया है। जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो रंजीत टूट गया।
उसने बताया कि रूपा (मृतका) उसकी पहली पत्नी थी, जो 2009 में ब्याही गई थी, लेकिन 4 साल पहले वह किसी और के साथ चली गई थी। इस बीच रंजीत ने सुशीला नाम की महिला से दूसरी शादी कर ली।
एक महीने पहले रूपा अपनी 11 महीने की बेटी के साथ वापस रंजीत के पास देहरादून आ गई। वह लगातार रंजीत पर दूसरी पत्नी को छोड़ने का दबाव बना रही थी। 5 मार्च की रात मोबाइल फोन छीनने को लेकर हुए विवाद के बाद रंजीत ने रूपा का गला घोंट दिया।

शातिर आरोपी ने 4 दिनों तक लाश को कमरे में ही छिपाकर रखा और मौका मिलते ही 8 मार्च को ठेकेदार की मोटरसाइकिल पर कट्टा लादकर जंगल में फेंक आया।
हैरानी की बात यह है कि हत्या के ठीक बाद रंजीत ने अपनी दूसरी पत्नी सुशीला को बिहार से देहरादून बुला लिया। उसने सुशीला को बताया कि रूपा वापस बिहार चली गई है और रूपा की 11 महीने की बच्ची सुशीला के हवाले कर दी। पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है।









