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कबाड़ में मिली लकड़ी की कुर्सी ने महिला को बनाया लखपति, नीलामी में लगी 16 लाख की बोली

ब्रिटेन की एक महिला ने कबाड़ की दुकान से महज 500 रुपये में खरीदी गई पुरानी कुर्सी को नीलामी में 16.35 लाख रुपये (£16,000 से अधिक) में बेचकर सबको हैरान कर दिया है। यह दुर्लभ कुर्सी 20वीं सदी के मशहूर ऑस्ट्रियाई कलाकार कोलोमन मोजर द्वारा डिजाइन की गई थी, जिसकी ऐतिहासिक वैल्यू ने इसे बेशकीमती बना दिया।

Published On: April 4, 2026 12:37 PM
Rare Furniture Auction

HIGHLIGHTS

  • महज 500 रुपये के निवेश पर महिला को मिला करीब 3200 गुना ज्यादा रिटर्न।
  • 1902 में विएना सेकेशन आंदोलन के दिग्गज कलाकार कोलोमन मोजर ने तैयार किया था यह खास डिजाइन।
  • ऑस्ट्रिया के एक बड़े डीलर ने नीलामी में इस ऐतिहासिक 'लेडर बैक' चेयर को अपना बनाया।

लंदन, 4 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। किस्मत और पारखी नजर जब एक साथ मिल जाएं, तो मामूली दिखने वाला कबाड़ भी सोने के भाव बिक सकता है।

ब्रिटेन में एक महिला के साथ ऐसा ही हुआ, जिसने पुराने सामान (Rare Furniture Auction) की एक दुकान से महज 500 रुपये (£5) में एक कुर्सी खरीदी और अब उसे 16 लाख रुपये से ज्यादा की कीमत पर नीलाम किया है।

इस पूरी घटना की शुरुआत तब हुई जब महिला ने एक कबाड़ी की दुकान में धूल खा रही पुरानी लकड़ी की कुर्सी देखी। उसे लगा कि यह कुछ अलग है, लेकिन उसे तब अंदाजा भी नहीं था कि वह इतिहास के एक बेशकीमती टुकड़े को घर ले जा रही है।

घर लाने के बाद जब इस कुर्सी की असलियत पर से पर्दा उठा, तो महिला की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। कुर्सी की नीलामी करने वाली संस्था और विशेषज्ञों ने जांच में पाया कि यह फर्नीचर का टुकड़ा कोई आम चीज नहीं है।

दरअसल, यह कुर्सी ऑस्ट्रिया के मशहूर पेंटर और डिजाइनर कोलोमन मोजर (Koloman Moser) द्वारा साल 1902 में डिजाइन की गई थी।

मोजर को ‘विएना सेकेशन’ आंदोलन का प्रमुख स्तंभ माना जाता है, जिन्होंने पारंपरिक डिजाइनों को छोड़कर कला की एक नई और आधुनिक शैली विकसित की थी।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह कुर्सी 18वीं शताब्दी के पारंपरिक ‘लेडर बैक’ (Ladder Back) मॉडल का एक आधुनिक अवतार है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका असामान्य रूप से लंबा पिछला हिस्सा है, जो इसे दूसरी कुर्सियों से अलग और कलात्मक बनाता है।

इसे बनाने में किसी भी आधुनिक सामग्री या प्लास्टिक के बजाय शुद्ध लकड़ी और जूट की बुनाई का इस्तेमाल किया गया है, जो 124 साल बाद भी सुरक्षित है।

नीलामी के दौरान इस दुर्लभ एंटीक को खरीदने के लिए खरीदारों के बीच होड़ मच गई। अंततः ऑस्ट्रिया के ही एक नामी एंटीक डीलर ने इसे करीब 16.35 लाख रुपये की भारी-भरकम बोली लगाकर खरीद लिया।

डीलर जॉन ब्लैक ने इस डील पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह गर्व की बात है कि ऑस्ट्रियाई इतिहास का यह अनमोल हिस्सा अब वापस अपने देश लौट रहा है।

इस नीलामी ने यह साबित कर दिया है कि कला की परख रखने वालों के लिए कोई भी चीज बेकार नहीं होती। महिला ने महज 500 रुपये खर्च किए और अपनी सूझबूझ व सही समय पर की गई नीलामी के फैसले से लाखों रुपये का मुनाफा कमा लिया।

फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है कि कैसे एक ‘कबाड़’ ने किसी की जिंदगी बदल दी।

Ganga

गंगा 'दून हॉराइज़न' में धर्म और ज्योतिष संवाददाता के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें वैदिक ज्योतिष, पंचांग, व्रत-त्योहार और वास्तु शास्त्र का गहरा ज्ञान और वर्षों का अनुभव है। गंगा का उद्देश्य सिर्फ दैनिक राशिफल बताना नहीं, बल्कि धर्म और अध्यात्म से जुड़ी सटीक, शोध-आधारित और प्रामाणिक जानकारी आम जनमानस तक पहुंचाना है। वह ज्योतिषीय गणनाओं और धार्मिक मान्यताओं का गहराई से विश्लेषण करती हैं। उनकी तथ्यपरक लेखनी पाठकों को अंधविश्वास से दूर रखकर एक सकारात्मक मार्गदर्शन प्रदान करती है, जिससे वे डिजिटल पाठकों के बीच एक बेहद भरोसेमंद नाम बन गई हैं।

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