तेहरान/वॉशिंगटन, 04 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। मिडिल ईस्ट के आसमान में बारूद की गंध और गहरी हो गई है। ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम ने होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिका के घातक हमलावर विमान A-10 थंडरबोल्ट-II, जिसे ‘वॉरथोग’ के नाम से भी जाना जाता है, को निशाना बनाकर नीचे गिरा दिया है।
अमेरिकी सेना के लिए यह किसी बुरे सपने जैसा है। 24 घंटे के भीतर यह दूसरा मौका है जब उनके बेड़े का कोई अहम लड़ाकू विमान ईरानी हमलों का शिकार हुआ है। ताजा घटनाक्रम में, विमान में आग लगने के बाद पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर लिया। अमेरिकी रेस्क्यू टीम ने तत्परता दिखाते हुए अपने जांबाज को सुरक्षित बचा लिया है।
F-15E का मलबा और लापता पायलट की तलाश
इससे पहले शुक्रवार को ईरान ने अपने एयरस्पेस में अमेरिका के F-15E स्ट्राइक ईगल को मार गिराया था। उस विमान में मौजूद दो क्रू मेंबर्स में से एक को तो रेस्क्यू कर लिया गया है, लेकिन दूसरा अब भी लापता है। अमेरिकी और इजरायली सेनाएं रात-दिन सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
खतरा इस बात का है कि लापता पायलट कहीं ईरान के हाथ न लग जाए। ईरान के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत के गवर्नर और सरकारी टीवी चैनलों ने पायलट को पकड़ने या खत्म करने वाले के लिए भारी इनाम का ऐलान किया है। जानकारी के मुताबिक, यह इनाम राशि करीब 10 अरब तोमान (तकरीबन 60,000 डॉलर) तय की गई है।
नई जानकारी: US का सीजफायर ऑफर खारिज
हमारी पड़ताल में यह बड़ी बात सामने आई है कि अमेरिका ने एक मध्यस्थ देश के जरिए ईरान को 48 घंटे के ‘ह्यूमैनिटेरियन सीजफायर’ का प्रस्ताव भेजा था। लेकिन तेहरान का रुख अब आर-पार वाला है। ईरान ने दो टूक कह दिया है कि वह पाकिस्तान में अमेरिकी अधिकारियों के साथ किसी भी बैठक का हिस्सा नहीं बनेगा।
ईरानी रक्षा सूत्रों का दावा है कि उनके पास अभी कई महीनों तक युद्ध लड़ने का माद्दा और स्टॉक है। ईरान का स्पष्ट संदेश है कि “शुरुआत तुमने की थी, लेकिन अंत हम करेंगे।” इस बीच खाड़ी में अमेरिकी विमानों की लगातार होती गिरावट ने पेंटागन की चिंताएं सातवें आसमान पर पहुंचा दी हैं।
तकनीकी मोर्चे पर लगा बड़ा धक्का
A-10 वॉर्थोग की बात करें तो यह अपनी मजबूती के लिए जाना जाता है, लेकिन ईरान के नए ‘एडवांस्ड नेवल एयर डिफेंस सिस्टम’ ने इसकी अभेद्यता की पोल खोल दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि $18.8 मिलियन की लागत वाला यह विमान जमीनी हमले के लिए बेहतरीन था, लेकिन आधुनिक मिसाइल सिस्टम के सामने यह कमजोर साबित हो रहा है।











