वाशिंगटन/तेहरान, 05 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। पश्चिम एशिया में तनाव की आग अब सीधे टकराव में बदल गई है जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी सरजमीं पर घुसकर एक खतरनाक रेस्क्यू मिशन को अंजाम देने का ऐलान किया है। ट्रंप ने अपनी पीठ थपथपाते हुए दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के भीतर से अपने एक पायलट को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।
व्हाइट हाउस के इस दावे के उलट, ईरान के खाटम अल अनबिया केंद्रीय मुख्यालय ने एक अलग ही कहानी पेश की है। ईरानी सशस्त्र बल के यूनिफाइड कमांड का कहना है कि उन्होंने अमेरिका के दो घातक ‘ब्लैक हॉक’ हेलिकॉप्टरों को आसमान में ही ढेर कर दिया है। इससे पहले दक्षिणी इस्फहान में अमेरिका के विशालकाय सी-130 (C-130) एयरक्राफ्ट को मार गिराने की खबर ने सनसनी फैला दी थी।
ईरान की पुलिस कमांड ने खुलासा किया है कि इस जवाबी कार्रवाई में एयरोस्पेस, ग्राउंड फोर्स और पॉप्युलर यूनिट ने मिलकर एक जॉइंट ऑपरेशन चलाया था। केवल अमेरिकी विमान ही नहीं, बल्कि ईरानी सेना ने दो इजरायली ड्रोन्स को भी नष्ट करने का दावा किया है। ईरान का स्पष्ट कहना है कि अमेरिकी पायलट को बचाने के नाम पर आए कई ‘फ्लाइंग ऑब्जेक्ट्स’ को उसकी डिफेंस यूनिट्स ने मिट्टी में मिला दिया।
इधर डोनाल्ड ट्रंप अपनी जीत का परचम लहरा रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी सेना को रत्ती भर का भी नुकसान नहीं हुआ है। ट्रंप के मुताबिक, यह मिशन दुनिया को दिखाने के लिए काफी था कि ईरान के आसमान में भी अमेरिका की ही हुकूमत चलती है। हालांकि, ट्रंप ने यह खुलासा नहीं किया कि यह भीषण सैन्य हमला किस सटीक वक्त पर किया गया।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ पर एक धुएं से भरे इलाके का वीडियो साझा किया है। उन्होंने दावा किया कि इस हमले में ईरान के कई शीर्ष सैन्य अधिकारी तेहरान में ही खत्म कर दिए गए हैं। वीडियो की सत्यता और तारीख पर अभी सस्पेंस बना हुआ है, लेकिन ट्रंप के शब्दों ने तेहरान की सत्ता में खलबली मचा दी है।
ईरान की मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बीती रात कूह-ए-सिया इलाके में अमेरिकी ऑपरेशन के दौरान हुई भीषण गोलीबारी में कम से कम पांच ईरानियों की जान चली गई है। ये सभी मृतक कोहगीलुये और बोयर अहमद प्रांत के निवासी बताए जा रहे हैं। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि अमेरिका अपने पायलट की तलाश में इस दुर्गम इलाके में अंधाधुंध फायरिंग कर रहा था।
इस घटना के बाद खातम अल-अंबिया मुख्यालय के जनरल अली अब्दुल्लाही अली आबादी ने खुली चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका या इजरायल ने ईरान के किसी भी बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को छूने की कोशिश की, तो पूरे पश्चिमी एशिया में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य संपत्तियों और इजरायली ठिकानों पर ‘विनाशकारी और निरंतर’ बमबारी की जाएगी।











