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चीन का नया अजूबा, 80 मंजिला पहाड़ चढ़ने के लिए बना दुनिया का सबसे लंबा एस्केलेटर

चीन ने चोंगकिंग के पहाड़ी इलाके में 905 मीटर लंबा 'वुशान गॉडेस' एस्केलेटर सिस्टम शुरू किया है जो करीब 80 मंजिला इमारत जितनी ऊंचाई तक जाता है। यह विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर यात्रियों के एक घंटे के पैदल सफर को मात्र 20 मिनट में समेट देता है।

Published On: April 6, 2026 3:17 PM
चीन का नया अजूबा, 80 मंजिला पहाड़ चढ़ने के लिए बना दुनिया का सबसे लंबा एस्केलेटर

HIGHLIGHTS

  • 905 मीटर की कुल लंबाई के साथ यह दुनिया का सबसे लंबा आउटडोर एस्केलेटर सिस्टम बना।
  • पूरे प्रोजेक्ट में 21 एस्केलेटर, 8 लिफ्ट और 4 मूविंग वॉकवे का जाल बिछाया गया है।
  • फरवरी 2026 में उद्घाटन के बाद से ही लाखों पर्यटक यांग्त्जे नदी के नज़ारे देखने यहाँ पहुँच रहे हैं।

चोंगकिंग, 06 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। ड्रैगन ने एक बार फिर अपनी इंजीनियरिंग का लोहा मनवाते हुए दुनिया का सबसे लंबा आउटडोर एस्केलेटर सिस्टम ‘वुशान गॉडेस’ (Wushan Goddess Escalator) जनता के लिए खोल दिया है। चोंगकिंग शहर की वुशान काउंटी में स्थित यह प्रोजेक्ट लगभग 1 किलोमीटर (905 मीटर) लंबा है, जो दुर्गम पहाड़ियों के बीच इंसानी पहुंच को बेहद आसान बनाता है।

यह केवल एक अकेली मशीन नहीं है, बल्कि आधुनिक इंजीनियरिंग का एक जटिल जाल है। इस पूरे वर्टिकल ट्रांसपोर्ट सिस्टम में 21 अलग-अलग एस्केलेटर, 8 हाई-टेक लिफ्ट और 4 मूविंग वॉकवे शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही कई पैदल पुलों को इस तरह जोड़ा गया है कि लोग बिना थके खड़ी पहाड़ी की ऊंचाई नाप सकें।

इस सफर की ऊंचाई का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह यात्रियों को 80 मंजिला इमारत जितनी ऊंचाई तक ले जाता है। पहले जिस ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्ते को पार करने में स्थानीय लोगों और पर्यटकों को कम से कम एक घंटा मशक्कत करनी पड़ती थी, अब वही रास्ता मात्र 20 से 21 मिनट में पूरा हो रहा है।

चोंगकिंग का यह इलाका अपनी बेहद कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और गहरी घाटियों के लिए कुख्यात रहा है। चीन ने इस प्रोजेक्ट को न केवल यातायात सुगम बनाने के लिए इस्तेमाल किया है, बल्कि इसे एक बड़े पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित किया है। एस्केलेटर के रास्तों पर विशेष ‘व्यू पॉइंट्स’ बनाए गए हैं जहाँ से यांग्त्जे नदी का विहंगम दृश्य दिखाई देता है।

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी 2026 में इसके परिचालन की शुरुआत के बाद से ही यहां पर्यटकों का भारी हुजूम उमड़ रहा है। अब तक लाखों लोग इस तकनीकी अजूबे का अनुभव ले चुके हैं। यह प्रोजेक्ट साबित करता है कि चीन ने बुनियादी ढांचे के निर्माण में नई सीमाओं को पार कर लिया है।

दुनियाभर में इस तरह के प्रोजेक्ट्स की तुलना में चीन का यह एस्केलेटर अपनी लंबाई और ऊंचाई के कारण सबसे ऊपर है। हांगकांग के प्रसिद्ध मिड-लेवल एस्केलेटर (जो करीब 800 मीटर लंबा है) को भी इसने पीछे छोड़ दिया है। यह न केवल चीन की तकनीक का प्रदर्शन है, बल्कि मुश्किल इलाकों में शहरी जीवन को आसान बनाने का एक सटीक मॉडल भी है।


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Ansh Goyal

अंश गोयल 'दून हॉराइज़न' में अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ (International Desk) की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। वैश्विक राजनीति, युद्ध के हालात, कूटनीति (Diplomacy) और ग्लोबल इकॉनमी पर उनकी गहरी पकड़ है। अंश का मुख्य फोकस अमेरिका, रूस, मध्य पूर्व और पड़ोसी देशों की हलचल का भारतीय दृष्टिकोण से सटीक विश्लेषण करना है। विदेशी मंचों पर भारत के बढ़ते दबदबे और वैश्विक नीतियों का आम आदमी पर पड़ने वाले प्रभाव को वे बेहद सरल हिंदी में समझाते हैं। उनकी डीप-रिसर्च वाली रिपोर्टिंग पाठकों को दुनिया भर की विश्वसनीय खबरें प्रदान करती है।

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