दून हॉराइज़न, विकासनगर/देहरादून (27 सितंबर) : पछवादून क्षेत्र में अवैध पशु कटान और गैर-कानूनी ढंग से मांस बेचने वालों के खिलाफ पुलिस ने अपना रुख कड़ा कर लिया है। कोतवाली विकासनगर क्षेत्र के अंतर्गत जीवनगढ़ में पुलिस की एक टीम ने औचक जांच अभियान चलाकर बिना किसी प्रशासनिक अनुमति और वैध लाइसेंस के मांस की दुकान संचालित कर रहे तीन व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया।
एसएसपी के निर्देशों के बाद पछवादून में सघन जांच
जिले में खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अवैध पशु तस्करी की शिकायतों को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP Dehradun) ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने इलाकों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए थे।
इसी क्रम में विकासनगर कोतवाली अंतर्गत आने वाली डाकपत्थर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक सतेन्द्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रविवार को मांस की दुकानों और संबंधित प्रतिष्ठानों का सत्यापन शुरू किया। पुलिस अचानक गलियों में पहुंची तो कई दुकानदारों में हड़कंप मच गया।
कागजात मांगने पर नहीं दिखा सके कोई अनुमति
जांच के दौरान कुरैशी मोहल्ला, जीवनगढ़ में तीन दुकानें ऐसी पाई गईं जहां खुलेआम मांस का भंडारण और विक्रय किया जा रहा था। जब पुलिस ने नगर पालिका अथवा खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जारी अधिकृत विक्रय लाइसेंस (Meat Sale License) मांगा, तो संचालक कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।

मौके पर अनियमितता पाए जाने पर पुलिस ने तीनों को तुरंत हिरासत में ले लिया। पकड़े गए व्यक्तियों की पहचान 36 वर्षीय रईस पुत्र इरफान, 50 वर्षीय इसरार पुत्र सकुर और 40 वर्षीय जीशान के रूप में हुई है। ये तीनों जीवनगढ़ के कुरैशी मोहल्ले के ही निवासी हैं।
बिना अनुमति दुकान खोली तो होगी सीधी कानूनी कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम में कांस्टेबल दिनेश बाबू और कांस्टेबल पदम सिंह भी मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों ने पकड़े गए कारोबारियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई अमल में लाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि बिना नगर निकाय व खाद्य सुरक्षा विभाग की वैध अनापत्ति के किसी भी सूरत में कारोबार न किया जाए। क्षेत्र में स्वच्छता नियमों और वैध पंजीकरण के बिना मांस विक्रय पाए जाने पर आगे सीधे मुकदमे दर्ज किए जाएंगे।









