सुबह सोकर उठते ही जब हम आईने के सामने जाते हैं, तो कई बार आंखों के नीचे हल्की सूजन या पफीनेस (Under-Eye Puffiness) देखकर मन में चिंता बैठ जाती है। यह समस्या किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है और अक्सर लोग इसे केवल नींद की कमी या थकान मानकर नजरअंदाज कर देते हैं।
हालांकि अधिकांश मामलों में यह रातभर लेटे रहने के कारण शरीर में होने वाले सामान्य तरल असंतुलन का परिणाम होती है, लेकिन कभी-कभी यह हमारी जीवनशैली, खान-पान या किसी अंतर्निहित स्वास्थ्य स्थिति की ओर भी इशारा करती है। दैनिक दिनचर्या में आंखों की देखभाल और इस पफीनेस के सटीक कारणों को समझना चेहरे की ताजगी और समग्र स्वास्थ्य दोनों के लिए बेहद जरूरी है।
सुबह आंखों के नीचे सूजन के मुख्य कारण
सुबह की पफीनेस के पीछे कई जैविक और व्यावहारिक कारक जिम्मेदार होते हैं। जब हम रातभर एक ही मुद्रा में कई घंटे लेटे रहते हैं, तो गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव से शरीर का अतिरिक्त तरल पदार्थ (Fluid) आंखों के आसपास मौजूद कोमल और ढीले ऊतकों में इकट्ठा हो जाता है। इसके अलावा, रात के भोजन में अधिक नमक, प्रोसेस्ड फूड, अचार या चिप्स का सेवन शरीर में ‘सोडियम-वॉटर रिटेंशन’ को बढ़ा देता है, जिसका सीधा असर अगली सुबह आंखों के नीचे सूजन के रूप में दिखता है।
नींद की कमी, देर रात तक जागना या अनियमित स्लीप साइकिल भी आंखों के आसपास के रक्त संचार को प्रभावित करते हैं। धूल-मिट्टी, परागकण (Pollen) या कॉस्मेटिक्स से होने वाली एलर्जी भी हिस्टामाइन रिलीज कर सूजन और खुजली पैदा करती है। उम्र बढ़ने के साथ त्वचा का कोलेजन और इलास्टिन कम होने लगता है, जिससे आंखों के नीचे की चर्बी आगे की ओर उभर आती है।
फोर्टिस हॉस्पिटल ग्रेटर नोएडा में इंटरनल मेडिसिन की डायरेक्टर डॉ. प्रमिला रामनिस बैठा के अनुसार, “सुबह उठने पर आंखों के नीचे हल्की सूजन होना काफी सामान्य है। रातभर लेटे रहने के कारण फ्लूइड आंखों के आसपास के ढीले ऊतकों में इकट्ठा हो सकता है। डिनर में अधिक नमक, पर्याप्त नींद न लेना, देर रात तक जागना और अल्कोहल का सेवन इसे और बढ़ा देता है।”
आंखों की सूजन कम करने के आसान उपाय
यदि आपकी आंखों की सूजन किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं है, तो कुछ आसान और प्राकृतिक उपायों से इसे कुछ ही मिनटों में नियंत्रित किया जा सकता है:
- सिर को थोड़ा ऊंचा रखकर सोएं: सोते समय एक अतिरिक्त तकिये का इस्तेमाल करें ताकि सिर धड़ से थोड़ा ऊपर रहे। इससे चेहरे और आंखों के आसपास तरल पदार्थ जमा नहीं होता।
- कोल्ड कंप्रेस (ठंडी सिकाई) का प्रयोग: सुबह उठकर चेहरे को ठंडे पानी से धोएं। इसके बाद बर्फ के टुकड़े को साफ सूती कपड़े में लपेटकर या ठंडे खीरे के स्लाइस 5 से 10 मिनट के लिए आंखों पर रखें। ठंडा तापमान रक्त वाहिकाओं को सिकोड़कर सूजन को तेजी से घटाता है।
- डिनर में सोडियम सीमित करें: रात के भोजन में नमक की मात्रा कम रखें और सोने से ठीक पहले बहुत अधिक पानी या शराब पीने से बचें।
- हाइड्रेशन और भरपूर नींद: दिनभर में पर्याप्त पानी पिएं ताकि शरीर में डिहाइड्रेशन के कारण फ्लूइड रिटेंशन न हो, और रोजाना 7 से 8 घंटे की गहरी नींद सुनिश्चित करें।
- आंखों को मलने से बचें: एलर्जी की स्थिति में आंखों को बार-बार रगड़ना ऊतकों को नुकसान पहुंचाता है और सूजन को और बढ़ा देता है।
कब आंखों की सूजन पर डॉक्टर से मिलें
हर तरह की पफीनेस हानिरहित नहीं होती। यदि आंखों के नीचे की सूजन घरेलू उपायों के बाद भी कम नहीं हो रही है या दिनभर बनी रहती है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। विशेष रूप से तब जब सूजन केवल एक ही आंख में हो, आंख में तेज दर्द, चुभन, लाली या दृष्टि में धुंधलापन महसूस हो रहा हो।
इसके अलावा, यदि आंखों की सूजन के साथ-साथ आपके चेहरे, हाथों, टखनों या पैरों में भी सूजन (Edema) दिखाई दे रही है, या सांस फूलने और अत्यधिक थकान के लक्षण हैं, तो यह किडनी, लिवर या थायरॉइड ग्रंथि के असंतुलन का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में बिना देर किए किसी योग्य फिजिशियन या नेत्र रोग विशेषज्ञ से क्लिनिकल जांच अवश्य करानी चाहिए।








