Vastu Tips For Home : वास्तु शास्त्र में केवल दिशाओं का ही नहीं, बल्कि घर में रखी वस्तुओं की स्थिति का भी गहरा प्रभाव बताया गया है। अक्सर हम अनजाने में घर की कुछ चीजों को पूरी तरह खाली छोड़ देते हैं, जिसे वास्तु के नजरिए से बेहद अशुभ माना जाता है।
मान्यता है कि घर में 5 विशेष चीजों का खाली रहना सीधे तौर पर आर्थिक संकट और नकारात्मक ऊर्जा का कारण बनता है।
पर्स और तिजोरी की स्थिति
धन के स्थान को कभी भी शून्य नहीं करना चाहिए। वास्तु के मुताबिक, पर्स या तिजोरी का पूरी तरह खाली होना लक्ष्मी जी को रुष्ट कर सकता है।
यह धन के बहाव को रोकने का एक बड़ा कारण बनता है। नियम यह है कि पर्स में हमेशा कम से कम एक नोट या सिक्का जरूर रखें। रात को सोते समय भी इसे खाली न छोड़ें। तिजोरी में थोड़ा बहुत धन हमेशा रखने से आर्थिक प्रवाह बना रहता है और संकट दूर रहता है।
पूजा घर का कलश
घर के मंदिर में रखा जल पात्र या कलश कभी भी जल विहीन नहीं होना चाहिए। खाली कलश घर में नकारात्मकता को आमंत्रित करता है। इसे हमेशा ताजे पानी, फूल और आम के पत्ते से भरकर रखना चाहिए।
भरा हुआ कलश घर में शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। यदि पात्र खाली है, तो पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता।
बाथरूम में पानी की बाल्टी
अक्सर लोग इस्तेमाल के बाद बाथरूम में बाल्टी या लोटा खाली छोड़ देते हैं। वास्तु के अनुसार, इससे घर का जल तत्व असंतुलित हो जाता है, जिसका सीधा असर परिवार के स्वास्थ्य और मानसिक शांति पर पड़ता है।
यह धन के आगमन को भी बाधित करता है। बाल्टी में हमेशा पानी भरकर रखें। पानी बदलते समय ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करना वास्तु दोष को कम करने में सहायक माना जाता है।
अनाज का भंडार
रसोई में जिस डिब्बे या पात्र में अनाज रखा जाता है, उसे कभी भी पूरी तरह खत्म न होने दें। अनाज का भंडार खाली होना मां अन्नपूर्णा का अनादर माना जाता है। इससे घर में बरकत नहीं रहती और आर्थिक तंगी के साथ स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं।
डिब्बा खाली होने से पहले ही उसमें नया अनाज भर दें। भरा हुआ अन्न भंडार परिवार की समृद्धि सुनिश्चित करता है।
फूलदान की देखभाल
घर की सजावट में इस्तेमाल होने वाले फूलदान (Flower Pot) को कभी खाली न रखें। बिना फूल या पानी का खाली फूलदान रिश्तों में खटास और उदासी ला सकता है।
इसमें हमेशा ताजा पानी और फूल रखें और सूख जाने पर उन्हें तुरंत हटा दें। भरा हुआ फूलदान सौंदर्य के साथ-साथ लक्ष्मी जी के वास को भी मजबूत करता है।
वास्तु का मूल सिद्धांत है कि खाली जगह नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती है, जबकि भरा होना स्थिरता का प्रतीक है।
इन उपायों को श्रद्धा और नियमितता से 21 दिन तक करने पर घर के वातावरण में बदलाव महसूस किया जा सकता है।
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