Acne Skincare Routine : चेहरे पर अचानक मुहांसों का बढ़ना, अत्यधिक तेल और पुराने दाग अक्सर आत्मविश्वास को कम कर देते हैं। स्किन एक्सपर्ट्स का मानना है कि रैंडम प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने के बजाय एक बेसिक और कंसिस्टेंट (नियमित) स्किनकेयर रूटीन ही इन समस्याओं का असली समाधान है।
सही स्टेप्स फॉलो करके आप न केवल पिंपल्स को रोक सकते हैं, बल्कि त्वचा पर नेचुरल ग्लो भी ला सकते हैं।
सफाई और टोनिंग का सही तरीका
स्किनकेयर की शुरुआत सही क्लेंजिंग से होती है। दिन में दो बार जेंटल और ऑयल-फ्री फेस वॉश से चेहरा धोने पर गंदगी और अतिरिक्त तेल साफ हो जाता है। यह स्टेप पिंपल्स की संख्या को कम करने में सबसे ज्यादा मदद करता है।
चेहरा धोने के तुरंत बाद टोनर का इस्तेमाल त्वचा के पीएच लेवल को बैलेंस करता है। नायसिनामाइड या गुलाब जल (Rose Water) वाला टोनर पोर्स को छोटा दिखाने और तेल को नियंत्रित करने में कारगर माना जाता है।
मॉइश्चराइजिंग और ट्रीटमेंट
अक्सर लोग सोचते हैं कि ऑयली स्किन को मॉइश्चराइजर की जरूरत नहीं होती, जो कि गलत है। हल्का और नॉन-स्टिकी मॉइश्चराइजर लगाने से त्वचा शांत रहती है और उसे खुद को हाइड्रेट रखने के लिए एक्स्ट्रा ऑयल नहीं बनाना पड़ता।
अगर चेहरे पर सक्रिय मुहांसे या दाग हैं, तो सैलिसिलिक एसिड, टी ट्री ऑयल या नायसिनामाइड युक्त सीरम का प्रयोग करें। ये तत्व ब्रेकआउट्स को कम करते हैं और त्वचा को साफ बनाते हैं।
धूप से सुरक्षा और एक्सफोलिएशन
धूप की हानिकारक किरणें पिंपल्स के दागों को काला और गहरा बना देती हैं। इससे बचने के लिए घर से बाहर निकलने से पहले ऑयल-फ्री या जेल-बेस्ड सनस्क्रीन लगाना अनिवार्य है।
इसके अलावा, हफ्ते में एक या दो बार स्किन को एक्सफोलिएट करना चाहिए। सैलिसिलिक एसिड वाला हल्का एक्सफोलिएटर मृत कोशिकाओं को हटाता है, जिससे पोर्स बंद नहीं होते। ध्यान रहे, चेहरे को ज्यादा रगड़ने से बचना चाहिए।
आदतें जो बदलेंगी स्किन का टेक्सचर
महंगे प्रोडक्ट्स के साथ-साथ आपकी आदतें भी बहुत मायने रखती हैं। पिंपल्स को बार-बार छूने या फोड़ने से इन्फेक्शन फैलता है और चेहरे पर गहरे गड्ढे बन सकते हैं। शरीर को अंदर से डिटॉक्स करने के लिए दिन भर पर्याप्त पानी पिएं और अच्छी नींद लें।
एक सही लाइफस्टाइल और साफ-सफाई का ध्यान रखने से त्वचा धीरे-धीरे हील होने लगती है और चेहरे पर कुदरती निखार आता है।








