Health Tips : भोजन करते समय पानी पीना चाहिए या नहीं, इसे लेकर लोगों में अक्सर असमंजस की स्थिति रहती है। आम धारणा है कि इससे डाइजेशन स्लो हो जाता है, लेकिन यह जानकारी अधूरी है।
कई आयुर्वेदाचार्यों ने स्पष्ट किया है कि कुछ विशेष सावधानियों के साथ खाने के दौरान भी पानी पिया जा सकता है।
सही जानकारी न होने के कारण लोग या तो बिल्कुल पानी नहीं पीते या फिर गलत तरीके से पीकर अपनी सेहत को नुकसान पहुंचा लेते हैं।
जरूरत महसूस होने पर ही पिएं पानी
विशेषज्ञों के मुताबिक, जिस तरह खाने के तुरंत पहले और बाद में पानी पीना मना है, उसी तरह खाने के बीच में भी अनावश्यक पानी पीने से बचना चाहिए।
हालांकि, अगर भोजन करते समय आपको प्यास महसूस हो रही है या खाना गले में फंस रहा है, तो पानी पीना अनिवार्य हो जाता है।
ऐसे में पानी न पीना नुकसानदेह साबित हो सकता है। ध्यान रखने वाली बात यह है कि पानी को एक बार में गटकने के बजाय घूंट-घूंट करके पिएं।
एक साथ ज्यादा पानी पीने से पेट फूलने (Bloating) की समस्या हो सकती है।
गुनगुने पानी का नियम
अगर आप चाहते हैं कि खाने के साथ पानी पीने से आपका पाचन प्रभावित न हो, तो पानी के तापमान का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। भोजन के साथ हमेशा हल्का गुनगुना पानी ही पीना चाहिए।
यह पेट के अंदरूनी तापमान के साथ संतुलन बनाए रखता है। जब भी निवाला गले से उतर जाए, तो एक से दो घूंट गुनगुना पानी पिया जा सकता है। इससे भोजन में नमी आती है और उसे निगलना व पचाना आसान हो जाता है।
भोजन से पहले और बाद का समय
खाने के साथ पानी पीने की छूट है, लेकिन इसके आगे-पीछे का समय बहुत मायने रखता है। भोजन करने से कम से कम आधा घंटा पहले पानी पी लेना चाहिए।
खाने के एकदम पहले पानी पीने से पाचन अग्नि कमजोर पड़ जाती है। वहीं, भोजन के तुरंत बाद पानी पीने से शरीर में कफ बनता है और वजन बढ़ने लगता है, इसलिए इससे परहेज करना चाहिए।
किन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी?
भले ही स्वस्थ लोगों के लिए नियमों के साथ पानी पीना सुरक्षित हो, लेकिन कुछ विशेष स्वास्थ्य समस्याओं में यह भारी पड़ सकता है।
जिन लोगों को इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS), पेट फूलने की बीमारी या एसिड रिफ्लक्स की शिकायत रहती है, उन्हें खाने के दौरान पानी पीने से बचना चाहिए।
ऐसे लोगों के लिए भोजन के साथ पानी पूरी तरह अवॉइड करना ही स्वास्थ्य के लिए बेहतर है।














