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Health Tips : सिर्फ इमोशन नहीं, डिहाइड्रेशन भी है रोने के बाद होने वाले सिरदर्द का कारण

भावनाओं के सैलाब या ज्यादा रोने के बाद सिरदर्द होना एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है, कोई बीमारी नहीं। दरअसल, रोते समय शरीर में 'कॉर्टिसोल' नामक स्ट्रेस हॉर्मोन रिलीज होता है और न्यूरोट्रांसमीटर्स उत्तेजित हो जाते हैं। इसके अलावा, रोते वक्त सांस लेने की गति तेज होने से शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है और डिहाइड्रेशन बढ़ता है, जिससे सिर भारी होने लगता है। राहत के लिए पानी पीना और अदरक की चाय कारगर उपाय हैं।

Published on: February 7, 2026 8:12 AM
Health Tips
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HIGHLIGHTS

  • केमिकल रिएक्शन: ज्यादा रोने पर शरीर में स्ट्रेस हॉर्मोन 'कॉर्टिसोल' का स्तर बढ़ जाता है, जो सिरदर्द का मुख्य कारण है।
  • ऑक्सीजन की कमी: रोते समय सांसें तेज चलने लगती हैं, जिससे दिमाग तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती।
  • ब्लड वेसल्स: आंसुओं के साथ ब्लड वेसल्स (रक्त वाहिकाएं) फैलती और सिकुड़ती हैं, जिससे सिर में दबाव महसूस होता है।
  • राहत के उपाय: अदरक की चाय, गर्दन की मसाज और इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक पीने से तुरंत आराम मिलता है।

Health Tips : जीवन में कई बार ऐसे मौके आते हैं जब इंसान अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाता और रो पड़ता है। आंसू निकलना मन के गुबार को बाहर निकालने का एक जरिया है, लेकिन अक्सर इसके बाद सिर में तेज दर्द शुरू हो जाता है।

यह दर्द कोई संयोग नहीं है, बल्कि इसके पीछे शरीर का एक पूरा विज्ञान काम करता है।

दिमाग में होता है केमिकल लोचा

वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो रोना केवल एक भावनात्मक प्रक्रिया नहीं है। जब कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा भावुक होकर रोता है, तो उसका शरीर भारी तनाव (Stress) और एंग्जाइटी महसूस करता है।

इस दौरान शरीर में ‘कॉर्टिसोल’ नाम का स्ट्रेस हॉर्मोन तेजी से रिलीज होने लगता है। यह हॉर्मोन दिमाग के न्यूरोट्रांसमीटर्स को उत्तेजित कर देता है।

यही वो ट्रिगर पॉइंट है जहां से सिरदर्द की शुरुआत होती है। इस हॉर्मोन के कारण सिर और गर्दन की मांसपेशियां तन जाती हैं, जिससे भारीपन महसूस होता है।

ऑक्सीजन की कमी और ब्लड वेसल्स का खेल

जोर-जोर से रोने पर हमारी सांस लेने की गति सामान्य से काफी तेज हो जाती है। इस उथली सांस (Shallow Breathing) के कारण शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाती।

ऑक्सीजन की यह कमी सीधे तौर पर सिरदर्द को न्योता देती है। इसके अलावा, रोने की प्रक्रिया के दौरान सिर की ब्लड वेसल्स (रक्त वाहिकाएं) पहले फैलती हैं और फिर अचानक सिकुड़ने लगती हैं।

रक्त प्रवाह में आया यह बदलाव संवेदनशील लोगों में तुरंत सिरदर्द पैदा कर देता है।

डिहाइड्रेशन भी है बड़ा कारण

आंसुओं के जरिए शरीर से पानी और नमक बाहर निकलता है। अगर आप लंबे समय तक रोते हैं, तो शरीर डिहाइड्रेट हो सकता है। शरीर में पानी की यह कमी सिरदर्द को और बढ़ा देती है।

ऐसे मिलेगी तुरंत राहत

इस तरह के सिरदर्द से निपटने के लिए दवा से बेहतर कुछ घरेलू उपाय साबित होते हैं:

खुद को हाइड्रेट करें: रोने के बाद एक गिलास सादा पानी या इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक पिएं। यह शरीर में फ्लूइड बैलेंस को ठीक करता है।

अदरक की चाय: अदरक में नेचुरल एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। इसकी चाय पीने से मांसपेशियों का तनाव कम होता है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। यह माइग्रेन जैसा दर्द कम करने में सहायक है।

गहरी सांसें (Deep Breathing): खुली हवा में या शांत बैठकर गहरी सांसें लें। इससे शरीर में ऑक्सीजन का स्तर सुधरता है और तनाव कम होता है।

हल्की मसाज: सिर और गर्दन के पिछले हिस्से पर हल्के हाथों से मालिश करने से मांसपेशियों की जकड़न खुलती है और दर्द में राहत मिलती है।

Rama Pun

रमा पुन एक प्रशिक्षित और अनुभवी लेखिका हैं, जो हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरों में विशेषज्ञता रखती हैं। विभिन्न न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर 3 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, रमा पाठकों के लिए सटीक और रोचक कंटेंट तैयार करती हैं। उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी खूबी जटिल स्वास्थ्य विषयों को सरल और आम बोलचाल की भाषा में प्रस्तुत करना है, जिससे आम पाठक भी उसे आसानी से समझ सकें। 📧 Email: punr29638@gmail.com

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