Health Tips : जीवन में कई बार ऐसे मौके आते हैं जब इंसान अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाता और रो पड़ता है। आंसू निकलना मन के गुबार को बाहर निकालने का एक जरिया है, लेकिन अक्सर इसके बाद सिर में तेज दर्द शुरू हो जाता है।
यह दर्द कोई संयोग नहीं है, बल्कि इसके पीछे शरीर का एक पूरा विज्ञान काम करता है।
दिमाग में होता है केमिकल लोचा
वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो रोना केवल एक भावनात्मक प्रक्रिया नहीं है। जब कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा भावुक होकर रोता है, तो उसका शरीर भारी तनाव (Stress) और एंग्जाइटी महसूस करता है।
इस दौरान शरीर में ‘कॉर्टिसोल’ नाम का स्ट्रेस हॉर्मोन तेजी से रिलीज होने लगता है। यह हॉर्मोन दिमाग के न्यूरोट्रांसमीटर्स को उत्तेजित कर देता है।
यही वो ट्रिगर पॉइंट है जहां से सिरदर्द की शुरुआत होती है। इस हॉर्मोन के कारण सिर और गर्दन की मांसपेशियां तन जाती हैं, जिससे भारीपन महसूस होता है।
ऑक्सीजन की कमी और ब्लड वेसल्स का खेल
जोर-जोर से रोने पर हमारी सांस लेने की गति सामान्य से काफी तेज हो जाती है। इस उथली सांस (Shallow Breathing) के कारण शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाती।
ऑक्सीजन की यह कमी सीधे तौर पर सिरदर्द को न्योता देती है। इसके अलावा, रोने की प्रक्रिया के दौरान सिर की ब्लड वेसल्स (रक्त वाहिकाएं) पहले फैलती हैं और फिर अचानक सिकुड़ने लगती हैं।
रक्त प्रवाह में आया यह बदलाव संवेदनशील लोगों में तुरंत सिरदर्द पैदा कर देता है।
डिहाइड्रेशन भी है बड़ा कारण
आंसुओं के जरिए शरीर से पानी और नमक बाहर निकलता है। अगर आप लंबे समय तक रोते हैं, तो शरीर डिहाइड्रेट हो सकता है। शरीर में पानी की यह कमी सिरदर्द को और बढ़ा देती है।
ऐसे मिलेगी तुरंत राहत
इस तरह के सिरदर्द से निपटने के लिए दवा से बेहतर कुछ घरेलू उपाय साबित होते हैं:
खुद को हाइड्रेट करें: रोने के बाद एक गिलास सादा पानी या इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक पिएं। यह शरीर में फ्लूइड बैलेंस को ठीक करता है।
अदरक की चाय: अदरक में नेचुरल एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। इसकी चाय पीने से मांसपेशियों का तनाव कम होता है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। यह माइग्रेन जैसा दर्द कम करने में सहायक है।
गहरी सांसें (Deep Breathing): खुली हवा में या शांत बैठकर गहरी सांसें लें। इससे शरीर में ऑक्सीजन का स्तर सुधरता है और तनाव कम होता है।
हल्की मसाज: सिर और गर्दन के पिछले हिस्से पर हल्के हाथों से मालिश करने से मांसपेशियों की जकड़न खुलती है और दर्द में राहत मिलती है।














