Health Tips : अक्सर दावतों या पार्टियों में स्वाद के चक्कर में हम अपनी भूख से थोड़ा ज्यादा खा लेते हैं। इसका सीधा असर हमारे पाचन तंत्र पर पड़ता है, जिससे सीने में जलन, ब्लॉटिंग (पेट फूलना) और खट्टी डकार जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं।
इन परेशानियों के लिए दवा खोजने के बजाय आप अपनी रसोई का रुख कर सकते हैं। सही जानकारी होने पर घरेलू नुस्खे अंग्रेजी दवाओं से ज्यादा बेहतर और सुरक्षित तरीके से काम करते हैं।
यहाँ जानिए उन चीजों के बारे में जो ओवरईटिंग की समस्या को चुटकियों में सुलझा सकती हैं।
हींग और काला नमक का पानी
अगर आपको लगातार खट्टी डकार आ रही है और पेट में बहुत भारीपन महसूस हो रहा है, तो इसका मतलब है कि गैस पास नहीं हो पा रही है। ऐसी स्थिति में हींग सबसे कारगर उपाय है।
आधे गिलास पानी में अच्छी क्वालिटी की हींग और काला नमक घोलकर गर्म कर लें। इस पानी को चाय की तरह घूंट-घूंट करके पिएं। दिन में एक से दो बार ऐसा करने से फंसी हुई गैस निकल जाती है और राहत मिलती है।
खाने के बाद गर्म नींबू पानी
आमतौर पर लोग मानते हैं कि खट्टी चीजें एसिडिटी बढ़ाती हैं, लेकिन तरीका सही हो तो यह फायदा भी करती हैं।
अगर आपको अक्सर सीने में जलन (Heartburn) की शिकायत रहती है, तो खाना खाने के बाद गर्म पानी में नींबू का रस निचोड़कर पी लें। यह नुस्खा सीने में जलन की समस्या को पैदा होने से रोकता है।
सौंफ और इलायची का काढ़ा
पाचन सुधारने के लिए सौंफ और इलायची पुराने समय से इस्तेमाल हो रहे हैं। एक चम्मच सौंफ और इलायची के दानों को कूटकर पानी में उबाल लें।
इसे छानकर खाना खाने के बाद पिएं। यह मिश्रण न केवल खाने को तेजी से पचाने में मदद करता है, बल्कि बार-बार आने वाली खट्टी डकारों को भी कम करता है।
रात को सोंठ का प्रयोग
अगर अपच के साथ कब्ज की समस्या भी हो रही है, तो सोंठ (सूखी अदरक) का इस्तेमाल करें। रात को सोते समय सोंठ को पानी में मिलाकर पिएं।
इससे सुबह पेट आसानी से साफ होता है। यह पेट की जकड़न को कम करता है और एसिडिटी में भी आराम देता है।
पुदीने का रस या चाय
ज्यादा खाने की वजह से अगर पेट में बेचैनी या अपच हो रहा है, तो पुदीना ठंडक पहुंचाने का काम करता है।
आप पुदीने की पत्तियों का रस निकालकर पी सकते हैं या फिर पुदीने की चाय बनाकर ले सकते हैं। यह पेट की गर्मी को शांत कर अपच से राहत दिलाता है।














