होमदेशविदेशक्राइममनोरंजनबिज़नेसऑटोमोबाइलगैजेट्सस्पोर्ट्सस्वास्थ्यलाइफस्टाइलधर्मराशिफललव राशिफलअंक राशिफलपंचांगकरियरट्रेंडिंगवीडियो
मौसम सरकारी योजना 7वां वेतन आयोगसोने चांदी का भावडीए हाईक 2026इंडियन रेलवेगणेश गोदियालमहेंद्र भट्ट पुष्कर सिंह धामी 8वां वेतन आयोगरेसिपीजब्यूटी टिप्सट्रेंडिंग टॉपिक्स

Bone Weakening Foods : हड्डियों को रखना है मजबूत, तो इन फूड्स को आज ही कहें अलविदा

Bone Weakening Foods : हड्डियों की मजबूती केवल दूध पीने से नहीं, बल्कि खानपान की गलत आदतों को सुधारने से भी आती है। नमक, चीनी और सॉफ्ट ड्रिंक्स का अधिक सेवन शरीर से कैल्शियम को बाहर निकाल देता है, जिससे हड्डियां समय से पहले कमजोर होने लगती हैं।

Published on: January 5, 2026 9:48 PM
Bone Weakening Foods
Join Our Whatsapp Channel

HIGHLIGHTS

  • ज्यादा नमक खाने से यूरिन के रास्ते शरीर से कैल्शियम बाहर निकल जाता है।
  • सॉफ्ट ड्रिंक्स में मौजूद फास्फोरिक एसिड हड्डियों के नेचुरल बैलेंस को बिगाड़ता है।
  • अल्कोहल विटामिन डी को शरीर में अब्जॉर्ब होने से रोकता है, जिससे कैल्शियम की कमी होती है।
  • ब्रेड और बिस्कुट जैसे रिफाइंड कार्ब्स में मैग्नीशियम और फास्फोरस नहीं होते।

Bone Weakening Foods : हड्डियां शरीर को ढांचा और सपोर्ट देती हैं, लेकिन हम इनकी सेहत पर तब तक ध्यान नहीं देते जब तक जोड़ों में दर्द शुरू नहीं हो जाता।

हड्डियां शरीर के नाजुक अंगों की सुरक्षा भी करती हैं, लेकिन हमारी रोजमर्रा की डाइट ही इन्हें अंदर से खोखला कर रही है।

जंक फूड और अनहेल्दी खानपान का सीधा असर बोन हेल्थ पर पड़ता है। यहां उन 7 चीजों के बारे में बताया गया है जो हड्डियों को तेजी से डैमेज करती हैं।

नमक: स्वाद बढ़ाता है, लेकिन हड्डियां गलाता है

खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए नमक जरूरी है, लेकिन इसकी अधिकता हड्डियों की दुश्मन है। जब शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ती है, तो यह यूरिन के जरिए कैल्शियम को शरीर से बाहर निकालने लगता है।

शरीर इस कमी को पूरा करने के लिए हड्डियों से कैल्शियम सोखना शुरू कर देता है। यही कारण है कि समय के साथ हड्डियां कमजोर हो जाती हैं।

चीनी और छिपी हुई शुगर

अक्सर माना जाता है कि चीनी केवल वजन बढ़ाती है, लेकिन यह हड्डियों के लिए भी खतरनाक है। हाई शुगर का सेवन शरीर में कैल्शियम अब्जॉर्ब करने की क्षमता को कम करता है और सूजन (Inflammation) को बढ़ाता है।

इससे बोन टिश्यू बनने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। केवल मिठाई ही नहीं, बल्कि सीरियल्स, एनर्जी बार और पैक्ड ड्रिंक्स में मौजूद ‘हिडन शुगर’ भी उतना ही नुकसान पहुंचाती है।

सॉफ्ट ड्रिंक्स का दोहरा वार

कोल्ड ड्रिंक्स या सॉफ्ट ड्रिंक्स में शुगर तो होती ही है, साथ ही इनमें फास्फोरिक एसिड भी पाया जाता है। यह एसिड शरीर में कैल्शियम और फास्फोरस के बैलेंस को बिगाड़ देता है। शुगर और फास्फोरिक एसिड मिलकर हड्डियों को तेजी से कमजोर बनाते हैं।

चाय-कॉफी और एनर्जी ड्रिंक्स

ज्यादातर लोगों के दिन की शुरुआत चाय या कॉफी से होती है। ये रिफ्रेशिंग जरूर हैं, लेकिन इनमें मौजूद कैफीन यूरिन के जरिए कैल्शियम को शरीर से बाहर कर देता है।

अगर कैफीन को दूध के साथ बैलेंस करके या कम मात्रा में लिया जाए, तो खतरा कम होता है। हालांकि, एनर्जी ड्रिंक्स सबसे ज्यादा नुकसानदेह हैं क्योंकि इनमें भारी मात्रा में कैफीन के साथ चीनी भी होती है।

अल्कोहल और विटामिन डी का कनेक्शन

लिवर के साथ-साथ शराब हड्डियों को भी गलाती है। अल्कोहल शरीर में विटामिन डी को अब्जॉर्ब होने से रोकता है। हम जानते हैं कि विटामिन डी ही भोजन से कैल्शियम लेने में मदद करता है।

इसके बिना कैल्शियम रिच फूड खाने का भी फायदा नहीं मिलता। ज्यादा पीने से हड्डियां रिपेयर करने वाले सेल्स बनना बंद हो जाते हैं।

प्रोटीन का सही बैलेंस जरूरी

मसल्स और हड्डियों के लिए प्रोटीन जरूरी है, लेकिन सिर्फ एनिमल प्रोटीन पर निर्भर रहना सही नहीं है। अगर आप फल-सब्जियों से मिलने वाले प्लांट बेस्ड प्रोटीन को इग्नोर करते हैं, तो शरीर का पीएच बैलेंस बिगड़ सकता है।

दाल, फलियां और सब्जियों के साथ अंडे या मीट खाने से ही शरीर को पूरा न्यूट्रिशन और कैल्शियम मिलता है।

ब्रेड और बिस्कुट (रिफाइंड कार्ब्स)

नाश्ते में ब्रेड और बिस्कुट खाना आसान लगता है, लेकिन इनमें हड्डियों को मजबूत बनाने वाले मैग्नीशियम और फास्फोरस जैसे पोषक तत्व नहीं होते।

रिफाइंड कार्ब्स खाने से पेट तो भर जाता है, लेकिन शरीर जरूरी हेल्दी फूड्स से वंचित रह जाता है। न्यूट्रिशन न मिलने के कारण हड्डियां कमजोर होने लगती हैं।

Rama Pun

रमा पुन एक प्रशिक्षित और अनुभवी लेखिका हैं, जो हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरों में विशेषज्ञता रखती हैं। विभिन्न न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर 3 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, रमा पाठकों के लिए सटीक और रोचक कंटेंट तैयार करती हैं। उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी खूबी जटिल स्वास्थ्य विषयों को सरल और आम बोलचाल की भाषा में प्रस्तुत करना है, जिससे आम पाठक भी उसे आसानी से समझ सकें। 📧 Email: punr29638@gmail.com

Leave a Reply

Discover more from Doon Horizon

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading