Menopause Health Tips : सर्दियों का मौसम तन और मन को ताजगी देता है, लेकिन 40 से 55 वर्ष की महिलाओं के लिए यह समय शारीरिक और भावनात्मक चुनौतियां भी लेकर आता है।
दरअसल, इस उम्र में मेनोपॉज या पेरिमेनोपॉज के कारण शरीर में हार्मोनल बदलाव पहले से चल रहे होते हैं। ठंड इन लक्षणों को और गंभीर बना सकती है।इस मौसम में महिलाओं की सेहत और खूबसूरती को बरकरार रखने में मददगार साबित होंगे।
रूखी त्वचा और नमी की देखभाल
सर्दियों में शुष्क हवा त्वचा की प्राकृतिक नमी छीन लेती है। मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन का स्तर घटने से यह समस्या और विकराल हो जाती है, जिससे त्वचा बेजान नजर आने लगती है।
इसे ठीक करने के लिए नहाने से पहले तिल या बादाम के तेल से हल्की मालिश करना एक बेहतरीन विकल्प है। स्नान के तुरंत बाद शरीर पर मोटा मॉइस्चराइजर लगाना न भूलें।
बाहरी देखभाल के साथ अंदरूनी हाइड्रेशन भी जरूरी है, इसलिए ठंड में भी दिनभर में 6 से 8 गिलास पानी पीते रहें। आहार में बादाम, अखरोट और अलसी जैसे ओमेगा-समृद्ध खाद्य पदार्थों को शामिल करने से त्वचा में चमक बनी रहती है।
जोड़ों का दर्द और ब्लड सर्कुलेशन
ठंड के कारण शरीर में ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है, जिससे जोड़ों में जकड़न और दर्द महसूस होता है। मेनोपॉज में हड्डियों का घनत्व (Density) कम होने से यह दर्द बढ़ सकता है।
इससे बचने के लिए सुबह की धूप में 15–20 मिनट बैठना अनिवार्य है, क्योंकि विटामिन-डी हड्डियों के लिए बेहद जरूरी है। इसके अलावा, सूर्य नमस्कार (5–7 बार) और सप्ताह में कुछ दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या हल्के व्यायाम करने से शरीर गर्म रहता है।
खाने में पालक, दूध, दही, तिल और गुड़ जैसी चीजों का सेवन हड्डियों को मजबूती देता है।
मूड स्विंग्स और मानसिक शांति
सर्दियों में दिन छोटे होते हैं और धूप कम निकलती है, जिसका सीधा असर सेरोटोनिन हार्मोन पर पड़ता है। यह हार्मोन मूड को नियंत्रित करता है, इसलिए इसकी कमी से उदासी, चिंता और चिड़चिड़ापन हो सकता है।
मानसिक शांति के लिए शाम को अदरक, हल्दी या अश्वगंधा वाली गर्म हर्बल चाय पीना फायदेमंद है। दिन में केवल 5 मिनट गहरी सांस लेने का अभ्यास (Deep Breathing) और हल्का योग मानसिक तनाव को काफी हद तक कम कर देता है।
पाचन और नींद का प्रबंधन
ठंड में शरीर की पाचन क्रिया धीमी हो जाती है। अगर रात में भारी भोजन किया जाए, तो शरीर उसे पचाने में अधिक ऊर्जा लगाता है जिससे नींद बार-बार टूटती है। पाचन दुरुस्त रखने के लिए अदरक, अजवाइन और जीरा वाला गुनगुना पानी पिएं।
रात का खाना हल्का रखें और सोने से थोड़ा जल्दी खा लें। सोने से पहले केले, कद्दू के बीज या मेथी जैसे मैग्नीशियम युक्त खाद्य पदार्थ लेने से नींद अच्छी आती है। साथ ही, सोने से पहले गर्म पानी से स्नान करना शरीर को रिलैक्स करता है।
तनाव और कोर्टिसोल नियंत्रण
शरीर ठंड से लड़ने के लिए खुद को तैयार करता है, जिससे कभी-कभी स्ट्रेस हार्मोन यानी कोर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है। इस तनाव को कम करने के लिए खुद को हमेशा गर्म कपड़ों से ढककर रखें।
हालांकि, बहुत ज्यादा टाइट या सिंथेटिक कपड़े लंबे समय तक पहनने से बचें। जिस कमरे में आप रहें, वहां वेंटिलेशन का पूरा ध्यान रखें ताकि ताजी हवा आती रहे।
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