होमदेशविदेशक्राइममनोरंजनबिज़नेसऑटोमोबाइलगैजेट्सस्पोर्ट्सस्वास्थ्यलाइफस्टाइलधर्मराशिफललव राशिफलअंक राशिफलपंचांगकरियरट्रेंडिंगवीडियो
मौसम सरकारी योजना 7वां वेतन आयोगसोने का भाव डीए हाईक 2026इंडियन रेलवेगणेश गोदियालमहेंद्र भट्ट पुष्कर सिंह धामी 8वां वेतन आयोगरेसिपीजब्यूटी टिप्सट्रेंडिंग टॉपिक्स

Menopause Health Tips : मेनोपॉज में हॉट फ्लैश और मूड स्विंग से राहत पाने के लिए अपनाए ये टिप्स

Menopause Health Tips : सर्दियों का मौसम 40 से 55 वर्ष की महिलाओं के लिए हार्मोनल बदलावों के कारण अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इस उम्र में एस्ट्रोजन के गिरते स्तर और ठंड के असर को संतुलित आहार, सही स्किन केयर और लाइफस्टाइल में छोटे बदलावों से नियंत्रित किया जा सकता है।

Published on: January 20, 2026 6:45 AM
Menopause Health Tips
Join Our Whatsapp Channel

HIGHLIGHTS

  • मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन घटने और सूखी हवा से त्वचा की नमी तेजी से कम होती है।
  • सर्दियों में ब्लड सर्कुलेशन धीमा होने से जोड़ों में दर्द और जकड़न की समस्या बढ़ जाती है।
  • धूप कम मिलने से सेरोटोनिन का स्तर गिरता है, जिससे महिलाओं में उदासी या चिड़चिड़ापन हो सकता है।
  • पाचन और नींद सुधारने के लिए अदरक, अजवाइन का पानी और मैग्नीशियम युक्त आहार जरूरी है।

Menopause Health Tips : सर्दियों का मौसम तन और मन को ताजगी देता है, लेकिन 40 से 55 वर्ष की महिलाओं के लिए यह समय शारीरिक और भावनात्मक चुनौतियां भी लेकर आता है।

दरअसल, इस उम्र में मेनोपॉज या पेरिमेनोपॉज के कारण शरीर में हार्मोनल बदलाव पहले से चल रहे होते हैं। ठंड इन लक्षणों को और गंभीर बना सकती है।इस मौसम में महिलाओं की सेहत और खूबसूरती को बरकरार रखने में मददगार साबित होंगे।

रूखी त्वचा और नमी की देखभाल

सर्दियों में शुष्क हवा त्वचा की प्राकृतिक नमी छीन लेती है। मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन का स्तर घटने से यह समस्या और विकराल हो जाती है, जिससे त्वचा बेजान नजर आने लगती है।

इसे ठीक करने के लिए नहाने से पहले तिल या बादाम के तेल से हल्की मालिश करना एक बेहतरीन विकल्प है। स्नान के तुरंत बाद शरीर पर मोटा मॉइस्चराइजर लगाना न भूलें।

बाहरी देखभाल के साथ अंदरूनी हाइड्रेशन भी जरूरी है, इसलिए ठंड में भी दिनभर में 6 से 8 गिलास पानी पीते रहें। आहार में बादाम, अखरोट और अलसी जैसे ओमेगा-समृद्ध खाद्य पदार्थों को शामिल करने से त्वचा में चमक बनी रहती है।

जोड़ों का दर्द और ब्लड सर्कुलेशन

ठंड के कारण शरीर में ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है, जिससे जोड़ों में जकड़न और दर्द महसूस होता है। मेनोपॉज में हड्डियों का घनत्व (Density) कम होने से यह दर्द बढ़ सकता है।

इससे बचने के लिए सुबह की धूप में 15–20 मिनट बैठना अनिवार्य है, क्योंकि विटामिन-डी हड्डियों के लिए बेहद जरूरी है। इसके अलावा, सूर्य नमस्कार (5–7 बार) और सप्ताह में कुछ दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या हल्के व्यायाम करने से शरीर गर्म रहता है।

खाने में पालक, दूध, दही, तिल और गुड़ जैसी चीजों का सेवन हड्डियों को मजबूती देता है।

मूड स्विंग्स और मानसिक शांति

सर्दियों में दिन छोटे होते हैं और धूप कम निकलती है, जिसका सीधा असर सेरोटोनिन हार्मोन पर पड़ता है। यह हार्मोन मूड को नियंत्रित करता है, इसलिए इसकी कमी से उदासी, चिंता और चिड़चिड़ापन हो सकता है।

मानसिक शांति के लिए शाम को अदरक, हल्दी या अश्वगंधा वाली गर्म हर्बल चाय पीना फायदेमंद है। दिन में केवल 5 मिनट गहरी सांस लेने का अभ्यास (Deep Breathing) और हल्का योग मानसिक तनाव को काफी हद तक कम कर देता है।

पाचन और नींद का प्रबंधन

ठंड में शरीर की पाचन क्रिया धीमी हो जाती है। अगर रात में भारी भोजन किया जाए, तो शरीर उसे पचाने में अधिक ऊर्जा लगाता है जिससे नींद बार-बार टूटती है। पाचन दुरुस्त रखने के लिए अदरक, अजवाइन और जीरा वाला गुनगुना पानी पिएं।

रात का खाना हल्का रखें और सोने से थोड़ा जल्दी खा लें। सोने से पहले केले, कद्दू के बीज या मेथी जैसे मैग्नीशियम युक्त खाद्य पदार्थ लेने से नींद अच्छी आती है। साथ ही, सोने से पहले गर्म पानी से स्नान करना शरीर को रिलैक्स करता है।

तनाव और कोर्टिसोल नियंत्रण

शरीर ठंड से लड़ने के लिए खुद को तैयार करता है, जिससे कभी-कभी स्ट्रेस हार्मोन यानी कोर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है। इस तनाव को कम करने के लिए खुद को हमेशा गर्म कपड़ों से ढककर रखें।

हालांकि, बहुत ज्यादा टाइट या सिंथेटिक कपड़े लंबे समय तक पहनने से बचें। जिस कमरे में आप रहें, वहां वेंटिलेशन का पूरा ध्यान रखें ताकि ताजी हवा आती रहे।

Arm Fat Kam Kaise Kare : बिना जिम जाए अगर आप भी चाहती हैं टोंड आर्म्स, तो जरूर अपनाएं ये टिप्स

Rama Pun

रमा पुन एक प्रशिक्षित और अनुभवी लेखिका हैं, जो हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरों में विशेषज्ञता रखती हैं। विभिन्न न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर 3 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, रमा पाठकों के लिए सटीक और रोचक कंटेंट तैयार करती हैं। उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी खूबी जटिल स्वास्थ्य विषयों को सरल और आम बोलचाल की भाषा में प्रस्तुत करना है, जिससे आम पाठक भी उसे आसानी से समझ सकें।

Leave a Reply

Discover more from Doon Horizon

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading