Snoring Health Risks : क्या आप रात भर अपने पार्टनर के खर्राटों की वजह से करवटें बदलते रहते हैं? कई बार आवाज इतनी तेज होती है कि आपको अपना कमरा तक बदलना पड़ता है।
अगर यह आपके घर की रोज की कहानी है, तो इसे महज एक ‘बुरी आदत’ या झुंझलाहट मानकर टालने की गलती न करें। मेडिकल एक्सपर्ट्स ने चेताया है कि यह शोर वास्तव में शरीर के अंदर पनप रही किसी गंभीर बीमारी की दस्तक हो सकता है।
ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एप्निया सोते समय हल्के खर्राटे आना सामान्य माना जा सकता है, लेकिन अगर यह बहुत तेज और लगातार हैं, तो यह ‘ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एप्निया’ (OSA) का साफ संकेत है।
यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें सोते समय सांस लेने में रुकावट आती है।आदतन जोर-जोर से खर्राटे लेना, नींद में हांफना या सांस का रुक-रुक कर आना कभी भी सामान्य नहीं होता। इसे नजरअंदाज करना भविष्य में बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकता है।
दिल पर पड़ता है सीधा दबाव खर्राटों को हल्के में लेने का सबसे बड़ा जोखिम दिल की सेहत से जुड़ा है। जब ओएसए (OSA) की वजह से फेफड़ों तक सही मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंचती, तो दिल को खून पंप करने के लिए दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है।
इससे सीने पर दबाव बढ़ता है। लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहे, तो रात में ब्लड प्रेशर कम होने के बजाय बढ़ जाता है। यही कारण है कि खर्राटे लेने वालों में हाई बीपी, हार्ट फेलियर और हार्ट अटैक का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में बहुत ज्यादा होता है।
ऑक्सीजन की कमी सीधे तौर पर स्ट्रोक को भी न्योता देती है। सेहत और दिमाग दोनों पर असर खतरा सिर्फ दिल तक सीमित नहीं है। ओएसए से पीड़ित व्यक्ति को गहरी नींद नहीं मिल पाती।
कई बार खुद के खर्राटे ही उन्हें जगा देते हैं। नतीजा यह होता है कि व्यक्ति दिन भर थकान महसूस करता है और चिड़चिड़ा हो जाता है। लंबे समय तक नींद पूरी न होने से याददाश्त कमजोर होने लगती है, मूड स्विंग होते हैं और डिप्रेशन का खतरा मंडराने लगता है।
थकान के कारण एकाग्रता में कमी आती है, जिससे ड्राइविंग या काम करते वक्त दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। इन संकेतों को पहचानें और सतर्क हो जाएं अगर खर्राटों के साथ कुछ खास लक्षण दिखें, तो डॉक्टर से सलाह लेना अनिवार्य हो जाता है।
जैसे- सोते समय अचानक सांस रुकने का अहसास होना, जागने के बाद गले में खराश महसूस करना या दिन में बहुत ज्यादा नींद आना। बच्चों के मामले में अगर वे तेज खर्राटे ले रहे हैं और स्कूल में उनका प्रदर्शन गिर रहा है, तो यह भी खतरे की घंटी है।
अपने पार्टनर या परिवार के सदस्य की इस स्थिति को गंभीरता से लें, क्योंकि समय रहते इलाज न मिलने पर यह जानलेवा साबित हो सकता है।
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