Instant Coffee Health Risks : घर हो या दफ्तर, थकान मिटाने के लिए इंस्टेंट कॉफी सबसे आसान और पसंदीदा विकल्प है। गर्म पानी या दूध में छोटा पाउच डाला और चुटकियों में एनर्जी ड्रिंक तैयार।
लेकिन आजकल सोशल मीडिया पर एक खबर ने कॉफी के शौकीनों को डरा दिया है। दावा किया जा रहा है कि इंस्टेंट कॉफी पीने से कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है।
इस दावे की जड़ में ‘एक्रिलामाइड’ (Acrylamide) नामक एक केमिकल है। सोशल मीडिया पोस्ट्स में कहा जा रहा है कि इंस्टेंट कॉफी के पैकेट में यह तत्व होता है, जो सेहत के लिए घातक है।
क्या है एक्रिलामाइड की सच्चाई?
एक्रिलामाइड कोई बाहरी जहर नहीं, बल्कि कुकिंग प्रोसेस के दौरान बनने वाला एक रासायनिक पदार्थ है। जब किसी भी खाने की चीज को हाई टेंपरेचर (उच्च तापमान) पर पकाया या रोस्ट किया जाता है, तो यह कंपाउंड प्राकृतिक रूप से बनता है।
इंस्टेंट कॉफी बनाते समय बीन्स को ज्यादा देर तक और ज्यादा तापमान पर रोस्ट किया जाता है। इस प्रक्रिया की वजह से इंस्टेंट कॉफी में एक्रिलामाइड बनने की संभावना बताई जाती है। यही वह तर्क है जिसे आधार बनाकर कैंसर के खतरे की बात कही जा रही है।
खतरा कब और कितना है?
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि एक्रिलामाइड सिर्फ इंस्टेंट कॉफी में नहीं, बल्कि हर तरह की कॉफी में पाया जाता है। चूंकि इंस्टेंट कॉफी ज्यादा प्रोसेस होती है, इसलिए इसमें इसकी मात्रा मामूली रूप से ज्यादा हो सकती है।
लेकिन क्या आपको डरने की जरूरत है? जवाब आपकी ‘आदत’ में छिपा है। यह केमिकल इंसान के शरीर के लिए तभी टॉक्सिक या जहरीला साबित होगा, जब आप एक दिन में करीब 9 से 10 कप इंस्टेंट कॉफी पी रहे हों।
सामान्य तौर पर एक या दो कप पीने वालों के लिए यह खतरे का कारण नहीं है।
कॉफी के फायदे भी कम नहीं
डरने के बजाय तथ्यों पर गौर करें तो कॉफी हेल्थ के लिए फायदेमंद साबित हुई है। कई रिसर्च में सामने आया है कि कॉफी का सेवन लिवर फैट को कम करने में मदद करता है।
विरोधाभास यह है कि सही मात्रा में कॉफी पीने से कुछ तरह के कैंसर का रिस्क कम भी होता है। एक्सपर्ट्स की राय यही है कि आप बेझिझक अपनी इंस्टेंट कॉफी पी सकते हैं, बस अति से बचें।
हां, अगर संभव हो तो कभी-कभी फ्रेश ब्रूड (Freshly Brewed) कॉफी का विकल्प चुनना ज्यादा बेहतर है, लेकिन इंस्टेंट कॉफी को पूरी तरह छोड़ देने का कोई वैज्ञानिक कारण मौजूद नहीं है।














