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Accident Death Revival : बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में घोषित मृत युवक श्मशान घाट में हुआ जीवित, 15 मिनट बाद दोबारा हो गयी मौत

बनारस में बीएचयू अस्पताल द्वारा मृत घोषित 21 वर्षीय विकास गंगा स्नान के दौरान श्मशान घाट पर अचानक जीवित हो उठा। परिजन उसे तुरंत ट्रॉमा सेंटर लेकर भागे, जहां 15 मिनट के दोबारा इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसे फिर से मृत घोषित कर दिया।

21-Year-Old Vikas Started Breathing During Holy Dip, Stampede At Manikarnika Ghat

HIGHLIGHTS

  • 21 वर्षीय विकास की सड़क हादसे के बाद हुई थी मौत।
  • गंगा स्नान कराते समय अचानक चलने लगीं युवक की सांसें।
  • मणिकर्णिका घाट पर मौजूद लोगों और परिजनों में मची भगदड़।
  • बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में 15 मिनट चले इलाज के बाद दोबारा मौत।

वाराणसी, 3 अगस्त, 2026 (दून हॉराइज़न)।

Accident Death Revival : बनारस के गंगा घाट पर बुधवार की शाम एक ऐसी अनहोनी घटी जिसने श्मशान घाट पर मौजूद हर शख्स के रोंगटे खड़े कर दिए। सड़क हादसे में जान गंवाने वाले 21 साल के युवक विकास को जब अंतिम संस्कार से ठीक पहले गंगाजल में नहलाया जा रहा था, तभी अचानक उसके ठंडे पड़ चुके शरीर में हरकत हुई। उसके हाथ-पांव हिलने लगे और थम चुकी सांसें वापस लौट आईं।

गंगा तट पर विकास के शरीर में अचानक हलचल देखते ही वहां चीख-पुकार और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। रोते-बिलखते परिजन पल भर के लिए स्तब्ध रह गए, लेकिन जैसे ही उन्हें एहसास हुआ कि विकास की नब्ज चल रही है, श्मशान का गमगीन माहौल उम्मीद में बदल गया। घाट पर मौजूद लोग इस नजारे को देखकर दंग रह गए।

परिजन बिना एक पल गंवाए विकास के शरीर को गाड़ी में डालकर दोबारा बीएचयू (BHU) अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर की तरफ दौड़े। घाट पर जो रिश्तेदार अब तक अंतिम संस्कार की लकड़ियों का इंतजाम कर रहे थे, वे सब अस्पताल की इमरजेंसी की ओर भागने लगे।

बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचते ही डॉक्टरों की टीम तुरंत हरकत में आई। विकास को आनन-फानन में इमरजेंसी वार्ड में ले जाया गया और लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर डालकर इलाज शुरू किया गया। अस्पताल के गलियारे में परिजनों की सांसें अटकी हुई थीं, सब किसी चमत्कार की दुआ मांग रहे थे।

यह उम्मीद केवल 15 मिनट ही टिक सकी। दोबारा शुरू हुए इलाज के महज 15 मिनट बाद डॉक्टरों ने गहन जांच-पड़ताल की और विकास को आधिकारिक तौर पर दोबारा मृत घोषित कर दिया। इस बार डॉक्टरों ने सभी कार्डियक और न्यूरोलॉजिकल मानकों की पूरी तरह से पुष्टि की।

महज 15 मिनट के लिए सांसें लौटने की इस घटना से परिजन गहरे सदमे में हैं। उनका कहना है कि यह पल भर का चमत्कार था जिसने उन्हें पलभर की खुशी देकर जीवन भर का दर्द दे दिया। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और वे समझ नहीं पा रहे कि नियति ने उनके साथ यह कैसा क्रूर मजाक किया।

21 वर्षीय मृतक विकास वाराणसी में शादियों और बड़े आयोजनों में पानी की सप्लाई का काम करता था। घटना वाले दिन भी वह अपने काम के सिलसिले में ही बाहर निकला हुआ था, तभी एक भीषण सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया।

हादसे में विकास को सिर और शरीर पर बेहद गंभीर चोटें आई थीं। दुर्घटना के तुरंत बाद उसे मंडुआडीह इलाके के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां दो दिनों तक जिंदगी और मौत की जंग लड़ने के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था, जिसके बाद शव परिजनों को सौंपा गया था।

विकास के माता-पिता इस पूरी घटना के बाद गहरे सदमे में हैं और उनका गुस्सा इलाज करने वाले अस्पतालों पर फूट पड़ा है। परिजनों का साफ आरोप है कि अगर शुरुआत में मंडुआडीह के अस्पताल में विकास को सही और बेहतर इलाज मिला होता, तो शायद आज उनका 21 साल का जवान बेटा जिंदा होता।

माता-पिता अब इलाज में लापरवाही बरतने वाले अस्पताल और डॉक्टरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि डॉक्टरों की जल्दबाजी और सही जांच न करने की वजह से उनके बेटे की जान चली गई, इसलिए वे इंसाफ के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।

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Gudiya Sagar

गुड़िया सागर 'दून हॉराइज़न' की मल्टीमीडिया और ट्रेंडिंग न्यूज़ प्रोड्यूसर हैं। वे करियर, वायरल खबरों और वीडियो जर्नलिज्म में विशेष विशेषज्ञता रखती हैं। डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स और युवाओं की पसंद को समझना गुड़िया की सबसे बड़ी ताकत है। सरकारी नौकरियों, शिक्षा और करियर से जुड़ी हर अहम जानकारी वे पूरी फैक्ट-चेकिंग के बाद ही युवाओं तक पहुंचाती हैं। इंटरनेट पर वायरल हो रही भ्रामक खबरों की सच्चाई (Fact Check) सामने लाने और वीडियो फॉर्मेट में निष्पक्ष खबरें पेश करने के लिए गुड़िया को पत्रकारिता जगत में विशेष रूप से जाना जाता है।

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