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स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने दिए दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के निर्देश, एनएचएम एमडी संग की बैठक

स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने एनएचएम के प्रबंध निदेशक के साथ समीक्षा बैठक कर योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के दूरस्थ और पहाड़ी इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएं समय पर पहुंचनी चाहिए।

Health Minister Subodh Uniyal chairs NHM schemes review meeting

HIGHLIGHTS

  • स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने एनएचएम की समीक्षा की
  • प्रबंध निदेशक के साथ योजनाओं की प्रगति पर हुई चर्चा
  • दूरस्थ और पर्वतीय इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं पर फोकस
  • मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का निर्देश

देहरादून, 3 अगस्त, 2026 (दून हॉराइज़न)।

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के प्रबंध निदेशक के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। देहरादून में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश भर में चल रही एनएचएम योजनाओं की मौजूदा स्थिति और उनके जमीनी क्रियान्वयन की विस्तृत पड़ताल की गई।

मंत्री सुबोध उनियाल ने बैठक के दौरान अधिकारियों के सामने दो टूक बात रखी। राज्य सरकार प्रदेश के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और समय पर इलाज पहुंचाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

एनएचएम के तहत संचालित सभी छोटी-बड़ी योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद को मिलना चाहिए। योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता को सबसे ऊपर रखने की हिदायत दी गई है।

बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा हुई। जच्चा-बच्चा सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को धरातल पर अधिक प्रभावी बनाने और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की बुनियादी स्थिति सुधारने पर जोर दिया गया।

स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए संसाधनों के उपयोग पर चर्चा हुई। अस्पतालों में खाली पदों और मानव संसाधनों के बेहतर प्रबंधन को लेकर मंत्री ने अधिकारियों से स्पष्ट खाका तैयार करने को कहा।

उत्तराखंड के दूरस्थ और विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले पर्वतीय इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सबसे बड़ी चुनौती है। मंत्री उनियाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पहाड़ी जिलों के अस्पतालों में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और दवाओं की कोई कमी न रहे।

योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, इसके लिए अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड में जाकर समीक्षा करने को कहा गया है। हर महीने प्रगति रिपोर्ट तैयार कर योजनाओं के वास्तविक प्रभाव का आकलन किया जाएगा।

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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