देहरादून, 03 अगस्त, 2026 (दून हॉराइज़न)।
Dehradun Samadhan Divas : सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने 109 फरियादियों की समस्याओं को सीधे सुना। मुख्य प्रशासनिक भवन में सुबह से ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आए लोगों का जमावड़ा लगा रहा। भूमि अतिक्रमण, पारिवारिक झगड़े, बस सेवाओं का अभाव और मुआवजा बकाया से जुड़े मामलों की भारी भरकम फाइलें डीएम के टेबल पर पहुंचीं। अधिकतर मामलों का तत्काल निस्तारण किया गया और लंबित फाइलों पर संबंधित विभागीय अधिकारियों को सख्त डेडलाइन थमाई गई।
जनसुनवाई में एक बेहद भावुक मामला सामने आया, जब 75 वर्षीय विधवा माया देवी अपनी फरियाद लेकर पहुंचीं। कोविड महामारी में बड़े बेटे को खोने और बीते साल छोटे बेटे की मौत के बाद वह अपने पुश्तैनी मकान में अकेली रह गई हैं। बुजुर्ग महिला का आरोप है कि उनकी नातिन गलत संगति और नशे की लत में पड़कर एक लड़के के साथ उसी मकान में लिव-इन में रह रही है। वह मकान पर कब्जा करने के लिए लगातार मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न कर रही है। जिलाधिकारी ने इस शिकायत को बेहद संजीदगी से लेते हुए प्रभारी महिला सेल, देहरादून को तत्काल जांच कर कार्रवाई करने के आदेश दिए।
एक अन्य संपत्ति विवाद में विधवा भगवान देई ने अपने छोटे पुत्र और बहू पर गंभीर आरोप लगाए। दोनों बेटों के बीच जमीन का आधा-आधा बंटवारा हो चुका है, इसके बावजूद छोटा बेटा बड़े भाई के हिस्से की जमीन पर जबरन कब्जा जमाना चाहता है और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दे रहा है। डीएम ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए एसडीएम सदर और क्षेत्राधिकारी रायपुर को तुरंत मौके की स्थिति देखकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कांवली रोड निवासी सुरेंद्र कुमार ने अपने बेटे और बहू की प्रताड़ना की पूरी कहानी डीएम के समक्ष रखी। पीड़ित पिता का कहना है कि बेटा-बहू उनके साथ आए दिन मारपीट और गाली-गलौज करते हैं, इसलिए वह बड़े बेटे को अपनी चल-अचल संपत्ति से बेदखल करना चाहते हैं। मामले में वैधानिक मदद प्रदान करने के लिए जिलाधिकारी ने सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को नियमानुसार कार्रवाई का जिम्मा सौंपा।
देहरादून-डोईवाला-भानियावाला-जौली-थानो रूट पर सार्वजनिक परिवहन ठप होने की शिकायत ने प्रशासन का ध्यान खींचा। उत्तराखंड परिवहन निगम, स्मार्ट सिटी या इलेक्ट्रिक बसों का संचालन न होने से स्थानीय जनता और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस ढिलाई पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एसीईओ) को तत्काल कलेक्ट्रेट में तलब कर रिपोर्ट मांगी।
कालसी विकासखंड के लूहन गांव से पहुंचे छह किसान परिवारों ने लखवाड़ बांध परियोजना के तहत अधिग्रहित जमीन का पुनर्स्थापन अनुदान न मिलने की बात कही। किसानों की अधिग्रहित भूमि का मुआवजा और अनुदान काफी समय से लटका है। डीएम ने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को स्थिति स्पष्ट करते हुए तत्काल विस्तृत आख्या प्रस्तुत करने के आदेश दिए।
प्रेमनगर निवासी सुनील कुमार ने छह साल पुरानी सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई का मुद्दा उठाया। डोईवाला-प्रेमनगर मार्ग चौड़ीकरण के दौरान छह साल पहले उनका पूरा मकान तोड़ दिया गया था, लेकिन लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने आज तक मुआवजा नहीं दिया। इस गंभीर लापरवाही पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को प्रक्रिया तेज कर मुआवजा राशि तुरंत वितरित करने को कहा।
बल्लूपुर निवासी रमेश चंद्र की भूमि पैमाइश संबंधी अर्जी पर राजस्व टीम को तुरंत सीमांकन करने का आदेश दिया गया। वहीं अधोईवाला स्थित आंचल डेयरी परिसर में दुग्ध संघ में चल रही कथित वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं की शिकायत दर्ज हुई, जिस पर जिलाधिकारी ने निदेशक डेयरी को उच्च स्तरीय जांच बिठाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
हरिपुर ढकरानी निवासी बाबूराम ने जल संस्थान द्वारा अत्यधिक पेयजल बिल भेजे जाने पर आपत्ति जताई, जिस पर अधिशासी अभियंता जल संस्थान को बिल की जांच कर समाधान करने को कहा गया।
सेंट्रल होप टाउन की सहाना प्रवीन ने सेलाकुई के जमनपुर में बरसाती नाले की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई, जबकि रायवाला में सीलिंग की जमीन पर अवैध दीवार खड़ी करने का मामला भी सामने आया। डीएम ने दोनों संबंधित उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि पुलिस बल के साथ जाकर तुरंत अवैध निर्माण ध्वस्त करें।
वाणी विहार, जैन प्लॉट, रामगढ़ और भगत सिंह कॉलोनी से आए निवासियों ने पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप होने का मुद्दा उठाया। गर्मी के इस दौर में पानी न आने से जनजीवन अस्त-व्यस्त है, जिस पर जल संस्थान के अफसरों को तुरंत टैंकर भेजने और सप्लाई लाइन दुरुस्त करने का आदेश मिला।
बनियावाला निवासी विधवा विद्या सिंह ने आर्थिक तंगी के कारण बच्चों की स्कूल फीस माफ कराने और आजीविका के लिए रोजगार की गुहार लगाई। इसी तरह नेहरू कॉलोनी की पूनम भटनागर ने भी अपनी बेटी की स्कूल फीस में राहत मांगी। जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी और संबंधित अफसरों को दोनों मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए तत्काल राहत प्रदान करने को कहा।
कलेक्ट्रेट सभागार में घंटों चली इस जनसुनवाई के अंतिम चरण में डीएम डॉ. आशीष चौहान ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट चेताया कि सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने वाले फरियादियों की शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल कागजी कार्रवाई नहीं बल्कि धरातल पर समाधान दिखना चाहिए। सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को भी बिना किसी देरी के निस्तारित करने के कड़े निर्देश जारी किए गए।
इस दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) केके मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, एसडीएम विनोद कुमार, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार और जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार समेत जिला स्तरीय तमाम विभागों के उच्च अधिकारी मौजूद रहे।















