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हरिद्वार जेल अधीक्षक को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से धमकी, ऋषिकेश के शातिर पर FIR

हरिद्वार जिला कारागार के वरिष्ठ अधीक्षक मनोज कुमार आर्य को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी दी गई है। महिला बंदी को जेल में अवैध सुविधाएं दिलाने को लेकर कॉल आई, जिस पर सिडकुल थाने में केस दर्ज हुआ।

Published On: September 14, 2026 1:03 PM
Lawrence Bishnoi Gang Threat Haridwar

HIGHLIGHTS

  • हरिद्वार जिला जेल अधीक्षक मनोज कुमार आर्य को बिश्नोई गिरोह के नाम से धमकी।
  • आरोपी ने जेल में बंद महिला कैदी शीला के लिए मांगी थी अवैध सुविधाएं।
  • महिला कैदी ने कॉल रिकॉर्डिंग सुनकर कॉलर को अपना पति हिमांशु चड्ढा बताया।
  • आरोपी ऋषिकेश निवासी है और पहले दून व सितारगंज जेल में बंद रह चुका है।
  • सिडकुल थाने में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ।

दून हॉराइज़न, हरिद्वार (14 सितंबर): हरिद्वार स्थित रोशनाबाद जिला कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक (Jail Superintendent) को कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के नाम पर खुली धमकी मिलने से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।

जेल में बंद एक महिला कैदी को गैर-कानूनी सुविधाएं उपलब्ध कराने का दबाव बनाते हुए कॉलर ने वरिष्ठ अधीक्षक को अंजाम भुगतने की चेतावनी दी। गिरोह का खौफ दिखाकर जेल प्रशासन पर दबाव बनाने की इस दुस्साहसिक कोशिश के बाद सिडकुल थाने में तत्काल मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।

व्हाट्सऐप मैसेज और लगातार कॉल से बनाया दबाव

वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज कुमार आर्य के अनुसार, 11 सितंबर से उनके सरकारी मोबाइल पर लगातार अनजान नंबर से संपर्क साधा जा रहा था। फोन न उठाने पर व्हाट्सऐप पर संदेश भेजकर खुद को पंजाब से संचालित लॉरेंस बिश्नोई गैंग (Lawrence Bishnoi Gang) का सदस्य बताया गया। इसके बाद 12 सितंबर को भी आरोपी ने कई बार फोन घनघनाए। हद तो तब हो गई जब रविवार सुबह ठीक 10:12 बजे आरोपी ने दोबारा कॉल कर जेल प्रशासन को सीधे तौर पर निशाना बनाने की बात कही।

धमकी देने वाले का स्पष्ट कहना था कि जेल में बंद शीला नामक महिला कैदी को मोबाइल फोन के इस्तेमाल सहित तमाम गैर-कानूनी सहूलियतें दी जाएं। बात न मानने पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक को जान से मारने की बात कही गई।

ऑडियो सुनते ही महिला बंदी ने पहचाना, निकला हिस्ट्रीशीटर पति

मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल प्रशासन ने तुरंत आंतरिक जांच शुरू की। धमकी देने वाला लगातार शीला से मिलने आने की बात दोहरा रहा था, जिसके बाद जेल अधिकारियों ने कॉलर की आवाज रिकॉर्ड कर महिला बंदी शीला को सुनवाई। शीला ने एक झटके में पहचान लिया कि फोन करने वाला कोई और नहीं, बल्कि उसका पति हिमांशु चड्ढा है, जो ऋषिकेश का रहने वाला है।

पुलिस जांच में सामने आया कि हिमांशु चड्ढा खुद शातिर अपराधी है। वह इससे पहले देहरादून जिला कारागार और उधम सिंह नगर की केंद्रीय कारागार सितारगंज में लंबे समय तक सलाखों के पीछे रह चुका है। वहीं उसकी पत्नी शीला पर भी हरिद्वार की ज्वालापुर कोतवाली में धोखाधड़ी और एनडीपीएस से जुड़े कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह लंबे समय से जेल में बंद है।

सिडकुल थाने में केस, सर्विलांस पर लगी टीमें

वरिष्ठ जेल अधीक्षक की लिखित तहरीर मिलते ही सिडकुल थाना पुलिस ने आरोपी हिमांशु चड्ढा के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। हरिद्वार एसएसपी के निर्देश पर साइबर सेल और सर्विलांस टीम को आरोपी के मोबाइल नंबर और लोकेशन ट्रेस करने में लगाया गया है।

अधिकारियों का मानना है कि आरोपी ने जेल प्रशासन में दहशत फैलाने के लिए बिश्नोई गैंग के नाम का इस्तेमाल किया। पुलिस अब यह भी खंगाल रही है कि क्या आरोपी का वास्तव में अंतरराज्यीय गिरोहों से कोई संपर्क है या फिर यह जेल अधिकारियों पर दबाव बनाने का पैंतरा था।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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