Siddu Recipe : अगर आप हाल-फिलहाल कुल्लू, मनाली या शिमला की वादियों में घूमे हैं, तो वहां की ठंडी हवाओं के बीच भाप छोड़ते सिड्डू का जायका शायद ही भूले हों। अमूमन पहाड़ी ढाबों पर मिलने वाली यह पारंपरिक डिश (Siddu Recipe) दरअसल गेहूं के खमीरी आटे से बनने वाली एक स्टीम्ड ब्रेड (Steamed Bread) है।
तेल-मसालों से कोसों दूर यह व्यंजन बाहर से जितना स्पंजी और मुलायम होता है, अंदर से मसालों और मेवों से उतना ही भरा-पूरा। सेहत के लिहाज से यह पचाने में बेहद हल्का है, लिहाजा आज की फिटनेस-सचेत पीढ़ी के लिए नाश्ते का यह बेहतरीन विकल्प बन रहा है।
तैयारी में सबसे अहम कदम आटे का फर्मेंटेशन है। इसके लिए एक कप गेहूं के आटे में आधा चम्मच यीस्ट, चुटकी भर नमक और दो बूंद तेल मिलाकर हल्के गुनगुने पानी से थोड़ा नरम गूंथ लें।

गूंथने के बाद इसे किसी गर्म जगह पर कम से कम दो घंटे के लिए ढककर छोड़ना जरूरी है। आटा जब फूलकर आकार में दोगुना हो जाए, तभी समझें कि सिड्डू एकदम जालीदार और रुई जैसा मुलायम बनेगा।
स्टफिंग तैयार करने के लिए एक कप कद्दूकस किया हुआ पनीर, दरदरा कुटा हुआ एक कप अखरोट, बारीक कटा हरा धनिया, आधा चम्मच अमचूर पाउडर, लाल मिर्च और स्वादानुसार नमक एक साथ मिलाएं।
पारंपारिक तौर पर हिमाचल के कई इलाकों में इसमें भीगे हुए उड़द की दाल या खसखस (पोस्ता दाना) का इस्तेमाल भी किया जाता है, लेकिन पनीर और अखरोट का मेल इसे रिच और स्वादिष्ट बना देता है।
अब आटे की मध्यम आकार की लोइयां काटें और हाथों पर हल्का पानी या तेल लगाकर पूरी के आकार में फैलाएं। बीच में एक से डेढ़ चम्मच भरावन रखें और किनारों को आपस में जोड़ते हुए गुजिया की तरह अर्धचंद्राकार आकार देकर सील कर दें।
भाप में पकाने के लिए स्टीमर की जाली पर हल्का घी लगाएं ताकि आटा चिपके नहीं। पानी में उबाल आने पर सिड्डू को जाली पर रखें और मध्यम आंच पर पूरे 15 मिनट तक ढककर भाप में पकाएं। तय समय बाद टूथपिक डालकर जांच लें—यदि यह साफ बाहर आए तो डिश पूरी तरह तैयार है।
परोसने का तरीका ही इस डिश की जान है। सिड्डू को बीच से दो टुकड़ों में काटें और ऊपर से दो चम्मच गर्मागर्म पिघला हुआ शुद्ध देसी घी डालें। साथ में तीखी पुदीना-धनिया चटनी या पारंपरिक अखरोट की चटनी परोसें।





