home ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम मनोरंजन बिजनेस ऑटो गैजेट्स खेल हेल्थ लाइफस्टाइल धर्म राशिफल लव राशिफल अंक राशिफल पंचांग करियर ट्रेंडिंग वीडियो

कार बाजार में बड़ा उलटफेर : मारुति का दबदबा कायम, टाटा और महिंद्रा में छिड़ी ‘नंबर 2’ की जंग

मार्च 2026 में भारतीय कार बाजार में मारुति सुजुकी की बादशाहत बरकरार रही, जबकि टाटा मोटर्स ने महिंद्रा को पछाड़कर दूसरा स्थान हासिल किया। इस महीने टॉप-3 में दो भारतीय कंपनियों का कब्जा रहा, जो घरेलू ऑटो सेक्टर की बढ़ती मजबूती को दर्शाता है।

Published On: April 5, 2026 4:04 PM
कार बाजार में बड़ा उलटफेर : मारुति का दबदबा कायम, टाटा और महिंद्रा में छिड़ी 'नंबर 2' की जंग

HIGHLIGHTS

  • टाटा मोटर्स ने 32% की सालाना ग्रोथ के साथ 64,292 यूनिट्स बेचकर नंबर-2 की कुर्सी पर कब्जा जमाया।
  • मारुति सुजुकी 1,72,996 यूनिट्स की बिक्री के साथ बाजार की निर्विवाद लीडर बनी हुई है।
  • महिंद्रा ने भी शानदार प्रदर्शन किया और 61,045 यूनिट्स की बिक्री के साथ तीसरे स्थान पर रही।

नई दिल्ली, 05 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। भारतीय पैसेंजर व्हीकल मार्केट में इन दिनों एक अलग ही रोमांच देखने को मिल रहा है, जहां घरेलू दिग्गज कंपनियां विदेशी ब्रांड्स को कड़ी टक्कर दे रही हैं।

मार्च 2026 की बिक्री के ताजा आंकड़ों ने साफ कर दिया है कि अब मुकाबला सिर्फ कारों की संख्या का नहीं, बल्कि मार्केट शेयर पर कब्जे का है। इस महीने टाटा मोटर्स और महिंद्रा के बीच नंबर-2 की कुर्सी के लिए ‘कांटे की टक्कर’ देखी गई, जिसमें टाटा ने बाजी मार ली।

टाटा मोटर्स ने मार्च 2026 के दौरान कुल 64,292 यूनिट्स की बिक्री कर दूसरा पायदान हासिल किया। पिछले साल इसी महीने कंपनी ने 48,724 गाड़ियां बेची थीं, यानी टाटा ने सालाना आधार पर 32.0% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की है। टाटा की इस कामयाबी के पीछे उसके इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट का बड़ा हाथ है।

आंकड़ों के मुताबिक, टाटा ने इस महीने 9,494 इलेक्ट्रिक कारें बेचीं, जो पिछले साल के मुकाबले 77% ज्यादा है। खासकर नेक्सन और पंच के ईवी मॉडल्स ने शोरूम्स पर जबरदस्त भीड़ खींची है।

नंबर-1 की कुर्सी पर अब भी मारुति सुजुकी का एकछत्र राज बरकरार है, जिसे हिला पाना फिलहाल किसी के लिए मुमकिन नजर नहीं आता। मारुति ने मार्च 2026 में 28.2% की ग्रोथ के साथ कुल 1,72,996 यूनिट्स गाड़ियां बेचीं। पिछले साल कंपनी ने 1,34,929 यूनिट्स का आंकड़ा छुआ था। मारुति की इस बढ़त में उसकी नई हाइब्रिड तकनीक और एसयूवी सेगमेंट में ब्रेजा और फ्रोंक्स जैसी कारों की डिमांड का बड़ा योगदान रहा है।

महिंद्रा एंड महिंद्रा इस रेस में 61,045 यूनिट्स की बिक्री के साथ तीसरे स्थान पर रही। कंपनी ने 23.5% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की है। हालांकि महिंद्रा ओवरऑल लिस्ट में तीसरे नंबर पर है, लेकिन ईवी मार्केट में उसने एक बड़ा उलटफेर किया है।

महिंद्रा ने मार्च में 5,217 इलेक्ट्रिक एसयूवी बेचकर जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर को पीछे छोड़ दिया और ईवी सेगमेंट की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। महिंद्रा की हालिया लॉन्च XUV 3XO और बॉर्न-इलेक्ट्रिक सीरीज की बढ़ती डिमांड टाटा के लिए आने वाले समय में बड़ी चुनौती बन सकती है।

दक्षिण कोरियाई दिग्गज हुंडई इस बार चौथे स्थान पर सिमट गई। हुंडई ने 10.6% की सालाना बढ़ोतरी के साथ कुल 48,667 यूनिट्स की बिक्री की। वहीं, किआ इंडिया 22.6% की ग्रोथ दिखाते हुए 27,999 यूनिट्स के साथ पांचवें नंबर पर रही। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने 7.9% की मामूली बढ़त हासिल की और 27,489 यूनिट्स की बिक्री के साथ छठे नंबर पर कब्जा जमाया। सातवें पायदान पर स्कोडा और फॉक्सवैगन ग्रुप रहा, जिसकी कुल बिक्री 8,726 यूनिट्स रही।

लिस्ट के निचले आधे हिस्से में भी हलचल तेज रही। एमजी मोटर ने 12.0% की बढ़ोतरी के साथ 6,234 गाड़ियां बेचीं और आठवें नंबर पर रही। नौवें स्थान पर होंडा ने 7.2% की ग्रोथ के साथ 5,514 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की। इस पूरी लिस्ट में सबसे चौंकाने वाला प्रदर्शन रेनॉल्ट का रहा।

रेनॉल्ट ने मार्च 2026 में 35.3% की सबसे शानदार सालाना बढ़ोतरी दर्ज की और 3,588 यूनिट्स बेचकर टॉप-10 में अपनी जगह पक्की की। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कॉम्पैक्ट एसयूवी और किफायती हैचबैक की मांग ने रेनॉल्ट को यह नई रफ्तार दी है।


देश और दुनिया की ताज़ा ख़बरों (Latest Hindi News) के लिए जुड़े रहें Doon Horizon के साथ। राजनीति (Politics), खेल, मनोरंजन, टेक्नोलॉजी और एजुकेशन से जुड़े हर लाइव अपडेट (Live Updates) और ब्रेकिंग न्यूज़ (Breaking News in Hindi) सबसे पहले पाएं। पढ़िए आपके काम की हर बड़ी खबर, सिर्फ एक क्लिक पर।


Yash Ojha

ऑटोमोबाइल सेक्टर की गहरी समझ रखने वाले यश ओझा 'दून हॉराइज़न' के वरिष्ठ ऑटो एक्सपर्ट हैं। नई लॉन्चिंग से लेकर ऑटो पॉलिसी के बदलावों तक, यश हर खबर का बारीकी से विश्लेषण करते हैं। उनका लेखन केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वे गाड़ी की परफॉरमेंस को सड़क की असल परिस्थितियों और आम आदमी की जेब के हिसाब से परखते हैं। रिसर्च और असल टेस्ट-ड्राइव के प्रति उनका समर्पण उन्हें पाठकों के बीच एक भरोसेमंद नाम बनाता है।

Leave a Comment