दून हॉराइज़न, हरिद्वार (12 सितंबर): धर्मनगरी की संकरी सड़कों पर पैदल चलना दूभर कर रहे अवैध कब्जों के खिलाफ शुक्रवार को जिला प्रशासन का डंडा सख्ती से चला। ललतारौ पुल से लेकर वाल्मीकि चौक तक फैले बाजार में जैसे ही नगर मजिस्ट्रेट हर गिरि पुलिस बल और निगम की टीम के साथ पहुंचे, फुटपाथ घेरकर बैठे दुकानदारों में खलबली मच गई।
करीब दो घंटे चली इस ताबड़तोड़ कार्रवाई में सड़क किनारे लगे 105 अवैध ठेलों, टीनशेड और पक्के चबूतरों को हटा दिया गया। कई वेंडर तो निगम के बुलडोजर को देखते ही अपना माल-असबाब वहीं छोड़कर गलियों में भाग खड़े हुए।
दोबारा कब्जा किया तो सीधे जब्ती
प्रशासनिक अमले को देखते ही कुछ दुकानदारों ने खुद ही नालियों के ऊपर रखा सामान समेटना शुरू कर दिया था। लेकिन जिन्होंने आनाकानी की, वहां निगम कर्मियों ने एक नहीं सुनी। सिटी मजिस्ट्रेट हर गिरि ने मौके पर ही स्पष्ट कर दिया कि चारधाम यात्रा और स्थानीय आवागमन के मुख्य मार्गों पर फुटपाथ कब्जाने की छूट किसी को नहीं दी जा सकती। उन्होंने चेताया कि यदि किसी ने दोबारा उसी स्थान पर फड़ या ठेली लगाई, तो न सिर्फ सामान पूरी तरह जब्त होगा बल्कि चालानी कार्रवाई भी की जाएगी।
वेंडिंग जोन को लेकर फूटा गुस्सा, निगम में धरना
एक तरफ सड़कों पर बुलडोजर गरज रहा था, तो दूसरी तरफ लघु व्यापारियों का गुस्सा सड़क पर आ गया। लघु व्यापार एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष संजय चोपड़ा की अगुवाई में दर्जनों रेहड़ी-पटरी संचालक पुराने सभागार से नारेबाजी करते हुए सीधे नगर निगम मुख्यालय जा पहुंचे। व्यापारियों का सीधा आरोप है कि हरिद्वार में वेंडिंग जोन तय करने के नाम पर केवल कागजी घोड़े दौड़ाए गए हैं।

चोपड़ा के मुताबिक, स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट के तहत नगर निगम ने शहर में 15 वेंडिंग जोन चिन्हित किए थे, मगर जमीनी हकीकत यह है कि आज तक सिर्फ तीन जोन ही विकसित हो सके। उनका कहना है कि जब तक बाकी 12 वेंडिंग जोन तैयार कर हॉकरों को व्यवस्थित जगह नहीं दी जाती, तब तक रोज़ी-रोटी छीनने वाली ऐसी एकतरफा कार्रवाई बर्दाश्त नहीं होगी। धरने में नीतीश अग्रवाल, कपिल सिंह, नंदकिशोर गोस्वामी समेत कई व्यापारी देर तक डटे रहे।
कनखल में टूटे स्लैब बदले, हादसों का खतरा टला
अतिक्रमण हटाने के समानांतर नगर निगम ने शहर के क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे पर भी ध्यान दिया है। कनखल क्षेत्र में सिंहद्वार से प्रेमनगर पुल की ओर जाने वाली व्यस्त सर्विस लेन पर नाले का कंक्रीट स्लैब धंसकर भीतर गिर गया था, जिससे हर पल दोपहिया सवारों के गिरने का जोखिम बना हुआ था। मीडिया में मामला उठने के बाद सक्रिय हुए निगम प्रशासन ने शुक्रवार को वहां भारी कंक्रीट का नया स्लैब रखवा दिया। अधिशासी अभियंता रचना पायल ने बताया कि टीम पूरे शहर में खुले और टूटे नालों का सर्वे कर रही है और प्राथमिक तौर पर भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में तुरंत नए स्लैब बिछाए जा रहे हैं।












