Chardham Yatra 2026 : उत्तराखंड पर्यटन विभाग ने चारधाम यात्रा 2026 के लिए आज यानी शुक्रवार सुबह 7 बजे से पंजीकरण पोर्टल खोल दिया है। इस वर्ष यात्रा का औपचारिक शुभारंभ 19 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ सुनिश्चित किया गया है।
इसके पश्चात 22 अप्रैल को केदारनाथ (Kedarnath) और 23 अप्रैल को बदरीनाथ (Badrinath) धाम के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। सतपाल महाराज (Satpal Maharaj) के नेतृत्व वाले पर्यटन मंत्रालय ने भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए समय पूर्व पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है।
ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की समयसीमा
वर्तमान में केवल डिजिटल माध्यमों से ही पंजीकरण स्वीकार किए जा रहे हैं। श्रद्धालु आधिकारिक वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in या Tourist Care Uttarakhand ऐप पर स्लॉट बुक कर सकते हैं।
जो यात्री इंटरनेट का उपयोग नहीं कर सकते, उनके लिए 17 अप्रैल से ऋषिकेश, हरिद्वार और देहरादून (Dehradun) में ऑफलाइन काउंटर संचालित किए जाएंगे। किसी भी तकनीकी समस्या के समाधान हेतु विभाग ने टोल-फ्री नंबर 0135-1364 जारी किया है जो 24 घंटे सक्रिय रहेगा।
पंजीकरण की विस्तृत प्रक्रिया

पंजीकरण के लिए सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल पर ‘Register/Login’ विकल्प का चयन करना होगा। मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP के माध्यम से अकाउंट सक्रिय होने के बाद ‘Create/Manage Tour’ में यात्रा की योजना दर्ज करनी होगी। यहां यात्रियों को अपना नाम, आयु और सरकारी पहचान पत्र जैसे Aadhaar Card या Voter ID की जानकारी देनी होगी।
प्रत्येक धाम के लिए उपलब्ध तारीखें कैलेंडर में प्रदर्शित होंगी, जहां से श्रद्धालु अपनी सुविधानुसार चयन कर सकते हैं। स्लॉट फुल होने की स्थिति में संबंधित तारीख लाल रंग में दिखाई देगी।
यात्री संख्या की सीमा पर बढ़ता विरोध
पंजीकरण प्रक्रिया के समानांतर, धामों में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या सीमित करने के सरकारी निर्णय का विरोध शुरू हो गया है। चारधाम होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश मेहता (Rajesh Mehta) ने इस सीमा को स्थानीय व्यापार के लिए हानिकारक करार दिया है।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि शासन ने इस पर पुनर्विचार नहीं किया, तो मार्च के दूसरे पखवाड़े से आंदोलन शुरू किया जाएगा। हालांकि, प्रशासन का तर्क है कि हिमालयी पारिस्थितिकी और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए भीड़ नियंत्रण आवश्यक है।










