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China Spy Foreigners : पासपोर्ट, मोबाइल और ट्रेन बुकिंग तक, चीन की सरकार ऐसे रख रही विदेशियों पर नजर

चीन में रहने और यात्रा करने वाले विदेशी नागरिकों की निजी जानकारी एक ऑनलाइन डेटाबेस के जरिए जुटाए जाने की बात सामने आई है। साइबर सुरक्षा से जुड़े एक शोधकर्ता ने इस विशाल डेटाबेस को खोजा है जिसमें पासपोर्ट, यात्रा ब्यौरे से लेकर व्यक्तिगत खर्चों तक का विवरण मौजूद पाया गया।

Published On: August 3, 2026 3:16 PM
Private Data of Foreign Citizens Stolen in China, Spying Software Surveillance Claimed

HIGHLIGHTS

  • चीन में विदेशी नागरिकों की जासूसी का नया खुलासा।
  • 'डायनामिक कंट्रोल प्लेटफॉर्म फॉर ओवरसीज पर्सनेल' नाम से मिला डेटाबेस।
  • शोधकर्ता मार्क होफर को मिला खुद का निजी ब्यौरा।
  • झांगजियाकौ शहर से जुड़े 700 विदेशियों की जानकारी शामिल।

नई दिल्ली, 3 अगस्त, 2026 (दून हॉराइज़न)।

China Spy Foreigners : वैश्विक स्तर पर अपने ही नागरिकों पर सख्त निगरानी रखने के लिए चर्चित चीन अब अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और वहां रह रहे विदेशियों का संवेदनशील डेटा अवैध रूप से जुटा रहा है। एक साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर की जांच के दौरान ऑनलाइन उपलब्ध एक खुले डेटाबेस से इस जासूसी नेटवर्क की परतों का पता चला है।

इस पूरे तंत्र का खुलासा तब हुआ जब एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर चीन आने-जाने वाले सैकड़ों विदेशी नागरिकों की बेहद निजी फाइलें पाई गईं। डेटा में न सिर्फ लोगों के पासपोर्ट और मोबाइल नंबर शामिल थे, बल्कि उनकी रोजमर्रा की गतिविधियों का पूरा रिकॉर्ड दर्ज था।

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनका आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल जब चीन दौरे पर गया था, तो सुरक्षा कारणों से अपने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अमेरिका में ही छोड़ गया था। अमेरिकी प्रशासन को डर था कि चीनी नेटवर्क उनके उपकरणों में जासूसी वायरस डाल सकते हैं या संवेदनशील बातचीत रिकॉर्ड कर सकते हैं। इसी वजह से यात्रा के दौरान मिले चीनी उपहारों को अमेरिका लौटते ही एयरपोर्ट के कूड़ेदान में फेंक दिया गया था।

खुलासे के केंद्र में ‘डायनामिक कंट्रोल प्लेटफॉर्म फॉर ओवरसीज पर्सनेल’ नामक एक विशेष डिजिटल डेटाबेस है। चीन की राज्य स्तरीय निगरानी प्रणालियों पर नजर रखने वाले शोधकर्ता मार्क होफर ने इस प्लेटफॉर्म का पता लगाया।

मार्क होफर ने जब इस पोर्टल को खोला, तो स्क्रीन पर सबसे पहले उनकी अपनी तस्वीर, पासपोर्ट नंबर और वह स्थानीय चीनी मोबाइल नंबर दिखाई दिया जिसका उपयोग उन्होंने चीन प्रवास के दौरान किया था।

डेटाबेस में मुख्य रूप से चीन के झांगजियाकौ शहर से संबंधित 700 से अधिक विदेशी नागरिकों का ब्यौरा दर्ज पाया गया। कुल मिलाकर इस सिस्टम में 12 हजार से ज्यादा व्यक्तिगत रिकॉर्ड मौजूद थे, जिनमें विदेशी पत्रकारों, ताइवान और हांगकांग के निवासियों के साथ-साथ कई ऐसे व्यक्तियों का डेटा भी शामिल था जिनका उस विशिष्ट शहर से कोई सीधा संबंध नहीं था।

यह जासूसी केवल सार्वजनिक स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों और फेशियल रिकग्निशन कैमरों तक सीमित नहीं थी। निगरानी तंत्र को नागरिक सेवाओं के नेटवर्क से सीधे जोड़ा गया था।

डेटाबेस के विश्लेषण से स्पष्ट हुआ कि अस्पतालों में डॉक्टरों के साथ की गई नियुक्तियों, घरेलू गैस बिलों के भुगतान और ट्रेन व फ्लाइट की सीट नंबरों की जानकारी भी एकीकृत की जा रही थी। किसी विदेशी नागरिक ने किस समय डॉक्टर से मुलाकात की या किस यात्रा में कौन सी सीट बुक की, यह पूरा विवरण पोर्टल में सुरक्षित था।

Ansh Goyal

अंश गोयल 'दून हॉराइज़न' में अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ (International Desk) की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। वैश्विक राजनीति, युद्ध के हालात, कूटनीति (Diplomacy) और ग्लोबल इकॉनमी पर उनकी गहरी पकड़ है। अंश का मुख्य फोकस अमेरिका, रूस, मध्य पूर्व और पड़ोसी देशों की हलचल का भारतीय दृष्टिकोण से सटीक विश्लेषण करना है। विदेशी मंचों पर भारत के बढ़ते दबदबे और वैश्विक नीतियों का आम आदमी पर पड़ने वाले प्रभाव को वे बेहद सरल हिंदी में समझाते हैं। उनकी डीप-रिसर्च वाली रिपोर्टिंग पाठकों को दुनिया भर की विश्वसनीय खबरें प्रदान करती है।

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