नई दिल्ली, 03 अगस्त, 2026 (दून हॉराइज़न)।
बांग्लादेश में 5 अगस्त 2024 को हुए उग्र हिंसक आंदोलन के बाद देश छोड़ने पर मजबूर हुईं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina) ठीक दो साल बाद अपनी खामोशी तोड़ने जा रही हैं। 5 अगस्त 2026 को वे पहली बार मीडिया से रूबरू होंगी। इस दौरान वे बांग्लादेश में अपनी वापसी का पूरा रोडमैप सार्वजनिक करेंगी।
शेख हसीना का यह संबोधन नई दिल्ली स्थित ‘फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ South Asia’ (FCC South Asia) द्वारा आयोजित किया जा रहा है। यह एक ऑनलाइन कार्यक्रम होगा जो शाम 6 बजे से 7:30 बजे तक चलेगा। इसका सीधा प्रसारण क्लब के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किया जाएगा।

कार्यक्रम का आयोजन नई दिल्ली के मथुरा रोड पर स्थित ‘सर मार्क टली ऑडिटोरियम’ में किया गया है।
इस विशेष आयोजन में शेख हसीना के साथ उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय भी अपनी बात रखेंगे। अवामी लीग के प्रमुख नेताओं में शामिल पूर्व शिक्षा मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी नौफेल भी इस कार्यक्रम में शामिल होकर अपनी बात रखेंगे।
शेख हसीना इस मंच से अपनी वतन वापसी की बड़ी घोषणा कर सकती हैं। पिछले महीने एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा था कि उन्हें मारा जा सकता है, गिरफ्तार किया जा सकता है या जेल भेजा जा सकता है। वे अपने अंजाम से पूरी तरह वाकिफ हैं, लेकिन जनता के बुलावे के कारण वे वापस जाना चाहती हैं।
दूसरी ओर ढाका से सख्त प्रतिक्रिया सामने आई है। बांग्लादेश के कानून मंत्री एम असदुज्जमां ने साफ लहजे में कहा है कि भारत से वापस आते ही हसीना को तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बीएनपी सरकार के उपमंत्री इशराक हुसैन ने शेख हसीना के इस बयान को केवल एक “राजनीतिक स्टंट” करार दिया है।
5 अगस्त की तारीख शेख हसीना के लिए एक तरह से “फुल सर्किल” जैसा घटनाक्रम माना जा रहा है।
5 अगस्त 2024 को ही प्रदर्शनकारियों के हिंसक रुख के बीच हसीना को अपने आधिकारिक आवास से इस्तीफा देकर निकलना पड़ा था। वे अपनी बहन शेख रेहाना के साथ सैन्य विमान से त्रिपुरा के अगरतला पहुंची थीं। वहां से वायुसेना के C-130J विमान के जरिए उन्हें हिंडन एयरबेस लाया गया था। तब से वे लुटियंस दिल्ली के एक सुरक्षित ठिकाने पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रह रही हैं।
ठीक दो साल का यह चक्र पूरा होने के बाद वे उसी तारीख को जनता के सामने आ रही हैं।
शेख हसीना का यह सार्वजनिक संबोधन बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की प्रस्तावित भारत यात्रा से ठीक एक महीने पहले हो रहा है।
दोनों पड़ोसी देशों के रिश्ते इस समय धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौट रहे हैं।

भारत में 12-13 सितंबर को आयोजित होने वाले ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान को आमंत्रित किया है। यदि रहमान भारत आते हैं, तो चुनाव जीतने के बाद दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच यह पहली सीधी मुलाकात होगी।
बांग्लादेश ब्रिक्स का सदस्य देश नहीं है। बे ऑफ बंगाल इनिसिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन (BIMSTEC) के चेयरमैन होने के नाते बांग्लादेश को इस बैठक में बतौर स्पेशल गेस्ट बुलाया गया है।
बांग्लादेश की नई सरकार शुरुआत से ही भारत से शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग उठाती रही है। भारत ने हमेशा अपना रुख स्पष्ट रखा है कि उसकी जमीन से किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधियों को चलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
ऐसे में दिल्ली से शेख हसीना का यह मीडिया संबोधन ढाका की मौजूदा सरकार को असहज कर सकता है। इस बात पर सबकी नजर रहेगी कि हसीना का यह कदम सुधर रहे कूटनीतिक संबंधों पर क्या असर डालता है।













