दून हॉराइज़न, देहरादून (15 सितंबर): राजधानी देहरादून के घोसी गली क्षेत्र में नगर निगम की लीज पर आवंटित व्यावसायिक दुकान को लेकर चल रहे फर्जीवाड़े पर निगम प्रशासन ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। बार-बार चेतावनी और अंतिम नोटिस की मियाद खत्म होने के बावजूद 28 लाख रुपये से अधिक का बकाया सरकारी कोष में जमा नहीं कराया गया।
अब नगर आयुक्त के आदेश पर निगम की टीम दुकान का भौतिक कब्जा वापस लेने और उसकी दोबारा सार्वजनिक नीलामी (Public Auction) कराने की तैयारी में जुट गई है।
3 बार बिक गई निगम की दुकान, नहीं जमा हुआ 28.84 लाख बकाया

मामला तब गरमाया जब 33 लाख रुपये के प्रीमियम वाली इस दुकान को नियमों के विरुद्ध तीन अलग-अलग खरीदारों को बेचे जाने की बात सार्वजनिक हुई। विभागीय पड़ताल के बाद नगर आयुक्त ने 5 सितंबर 2026 को कार्रवाई की संस्तुति दी थी। इसके आधार पर भूमि अनुभाग ने घोसी गली निवासी मोहम्मद यूनुस को कार्यालय पत्र संख्या 1886(1) भेजकर 28,84,315 रुपये का बकाया तीन दिनों के भीतर निगम कोष में जमा कराने का अंतिम मौका दिया था। नोटिस थमाए 11 दिन गुजर चुके हैं। खाते में फूटी कौड़ी नहीं आई।
भू-राजस्व बकाये की तरह होगी वसूली, कटेगी आरसी
प्रशासन अब किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं दिख रहा। नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 (उत्तराखंड में लागू) के प्रावधानों और लीज डीड की शर्तों का खुला उल्लंघन हुआ है। ऐसे में बकाया राशि की भरपाई के लिए जिला प्रशासन के सहयोग से भू-राजस्व बकाये (Land Revenue Recovery) की तर्ज पर वसूली प्रमाण पत्र यानी आरसी जारी कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यानी अगर बैंक खातों या चल संपत्तियों से वसूली नहीं हुई, तो कानूनी प्रावधानों के तहत कुर्की भी तय है।

निगम का भूमि अनुभाग अब पुलिस बल की मौजूदगी में दुकान को सील कर कब्जा लेने की औपचारिकता पूरी करेगा, जिसके बाद नए सिरे से रिजर्व प्राइस तय कर पारदर्शी ई-नीलामी आयोजित की जाएगी।







