ऋषिकेश, 3 जून (दून हॉराइज़न)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ऋषिकेश के होटल नटराज में आयोजित अखिल भारतीय महापौर परिषद की 117वीं कार्यकारी समिति की बैठक में हिस्सा लिया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने शहरी विकास को रफ्तार देते हुए 29.78 करोड़ रुपये की तीन महत्वपूर्ण योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
कार्यक्रम में देशभर के विभिन्न शहरों से आए मेयरों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने शहरों के व्यवस्थित और स्वच्छ विकास पर जोर दिया।
ऋषिकेश को मिली इन योजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री ने नगर निगम ऋषिकेश के तहत 23.15 करोड़ रुपये की लागत से तैयार सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट योजना के कम्पोस्ट प्लांट और लाल पानी बीट स्थित सेनेटरी लैंडफिल साइट का लोकार्पण किया।
इसके साथ ही 6.63 करोड़ रुपये की दो नई योजनाओं की आधारशिला रखी गई। इनमें पीपीपी मोड पर 1.80 करोड़ की लागत से 10 स्थानों पर बनने वाले ई.वी. (EV) चार्जिंग स्टेशन और 4.83 करोड़ की लागत से 12 अलग-अलग स्थानों पर वर्षा जल संचयन (रेनवाटर हार्वेस्टिंग) के निर्माण कार्य शामिल हैं।
शहरों में आकार लेते हैं नागरिकों के सपने

बैठक में मेयरों का स्वागत करते हुए सीएम धामी ने कहा कि एक मेयर अपने शहर का प्रथम नागरिक होने के साथ-साथ स्थानीय जनता की उम्मीदों और विश्वास का प्रतिनिधि होता है।
उन्होंने कहा कि देश की आत्मा गांवों में बसती है, लेकिन नागरिकों के सपने और उनके भविष्य की संभावनाएं शहरों में आकार लेती हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि अगर शहर स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित होंगे, तो दुनिया के सामने भारत की एक सशक्त और समृद्ध छवि पेश होगी।
चारधाम और सीमांत पर्यटन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
राज्य में पर्यटन की स्थिति पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इस साल चारधाम यात्रा में एक नया रिकॉर्ड स्थापित हुआ है। यात्रा शुरू होने के महज 45 दिनों के भीतर 30 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
उन्होंने सीमांत पर्यटन का जिक्र करते हुए कहा कि पहले आदि कैलाश में बमुश्किल 500 लोग पहुंचते थे, लेकिन अब वहां हर दिन करीब 1000 श्रद्धालु आ रहे हैं। मां पूर्णागिरि मंदिर में भी 24 लाख लोग दर्शन कर चुके हैं और पिछले चार सालों में 23 करोड़ से अधिक पर्यटकों ने उत्तराखंड का रुख किया है।
शहरी विकास के लिए उठाए जा रहे नए कदम
उत्तराखंड में चल रही शहरी विकास योजनाओं की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में पहली बार शहरी गरीबों के लिए नगर निकायों में ‘अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर’ स्थापित किए गए हैं। बेसहारा गौवंश के लिए आश्रय योजना और आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए एनिमल बर्थ कंट्रोल योजना शुरू की गई है।
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार विकसित भारत 2047 के संकल्प की तर्ज पर ‘विकसित उत्तराखंड’ की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने शहरों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सौर ऊर्जा, कूड़ा प्रबंधन और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक प्रेमचंद्र अग्रवाल, मेयर शंभू पासवान, रेनू बाला गुप्ता, आशुतोष समेत देशभर के विभिन्न शहरों के मेयर मौजूद रहे।












