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उत्तराखंड के निर्माण श्रमिकों की बल्ले-बल्ले, अब पास के CSC सेंटर पर ही होगा रजिस्ट्रेशन

उत्तराखंड के भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (BOCW) ने सीएससी ई-गवर्नेंस के साथ हाथ मिलाया है। इस समझौते के बाद अब राज्य के लाखों निर्माण श्रमिक अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर पंजीकरण और नवीनीकरण आसानी से करा सकेंगे।

उत्तराखंड के निर्माण श्रमिकों की बल्ले-बल्ले, अब पास के CSC सेंटर पर ही होगा रजिस्ट्रेशन

HIGHLIGHTS

  • उत्तराखंड के निर्माण श्रमिकों के लिए पंजीकरण और रिन्यूअल की प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी होगी।
  • राज्य के दूरदराज इलाकों में रहने वाले मजदूरों को अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
  • समझौते का मुख्य उद्देश्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे और बिना किसी देरी के पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना है।

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश के निर्माण श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (BOCW) और सीएससी (CSC) ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

इस ऐतिहासिक समझौते के दौरान सचिव (UKBOCW) पी.सी. दुमका विशेष रूप से मौजूद रहे। आधिकारिक तौर पर इस साझोदारी को डिप्टी लेबर कमिश्नर विपिन कुमार और सीएससी के स्टेट हेड अश्वनी कुमार ने हस्ताक्षरित दस्तावेजों के साथ औपचारिक रूप दिया।

अब उत्तराखंड के सुदूरवर्ती पहाड़ी क्षेत्रों से लेकर मैदानी इलाकों तक फैले लाखों निर्माण श्रमिकों को अपना रजिस्ट्रेशन कराने के लिए ब्लॉक या जिला मुख्यालयों की दौड़ नहीं लगानी होगी। वे अपने घर के पास स्थित किसी भी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर अपना पंजीकरण और नवीनीकरण (Renewal) करा सकेंगे।

वर्तमान में उत्तराखंड में लाखों श्रमिक पंजीकृत हैं, लेकिन नवीनीकरण की जटिल प्रक्रिया के कारण कई बार वे सरकारी लाभों से वंचित रह जाते थे। इस नई व्यवस्था से न केवल प्रक्रिया सरल होगी, बल्कि पूरे सिस्टम में पारदर्शिता आएगी जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हो जाएगी।

सचिवालय सूत्रों के अनुसार, इस डिजिटल एकीकरण से श्रमिक कार्ड के माध्यम से मिलने वाली सहायता राशि, शिक्षा सहायता और स्वास्थ्य बीमा जैसी योजनाओं का डेटा सीधे पोर्टल पर अपडेट होगा। इससे भुगतान की गति भी तेज होने की उम्मीद है।

कार्यक्रम में बोर्ड की सीनियर आईटी ऑफिसर श्रीमती दुर्गा, सीएससी के स्टेट मैनेजर संदीप कुमार शर्मा और यूआईडीएआई (CSC SPV) के मैनेजर भूपेंद्र कुमार सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस पहल का प्राथमिक लक्ष्य अंतिम छोर पर खड़े श्रमिक को मुख्यधारा से जोड़ना है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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