Daily Fitness Tips : व्यस्त दिनचर्या और घंटों बैठकर काम करने की आदत सबसे पहले पेट के आसपास चर्बी बढ़ाती है। इसे कम करने के लिए हर किसी के पास जिम जाने या लंबा वर्कआउट करने का वक्त नहीं होता।
ऐसे में घर या दफ्तर की सीढ़ियां आपके लिए एक बेहतरीन फिटनेस टूल बन सकती हैं।
अगर सही तकनीक और सही गति से सीढ़ियां चढ़ी जाएं, तो यह हाई-इंटेंसिटी कार्डियो की तरह काम करता है और तेजी से कैलोरी बर्न करने में मदद करता है।
पेट की चर्बी पर कैसे असर करता है स्टेयर्स वर्कआउट?
सीढ़ियां चढ़ते समय शरीर को गुरुत्वाकर्षण के खिलाफ ऊपर की तरफ जोर लगाना पड़ता है। इस प्रक्रिया में शरीर के निचले हिस्से की बड़ी मांसपेशियां सक्रिय हो जाती हैं, जिससे हार्ट रेट बढ़ता है और मेटाबॉलिज्म तेज होता है।
यह सामान्य वॉक के मुकाबले कम समय में ज्यादा ऊर्जा खर्च कराता है, जिससे शरीर में जमा अतिरिक्त फैट धीरे-धीरे घटने लगता है।
चढ़ते समय इन बातों का रखें ध्यान (सही तकनीक)
पूरा पैर रखें: हर सीढ़ी पर सिर्फ पंजों के बल चढ़ने की बजाय पूरा तलवा रखें। इससे घुटनों पर बेवजह दबाव नहीं पड़ता और जांघों व पिंडलियों पर सही खिंचाव आता है।
कमर सीधी रखें: चढ़ते समय आगे की तरफ ज्यादा झुकने से बचें। रीढ़ की हड्डी सीधी और कंधे हल्के ढीले रखें।
पेट को हल्का टाइट रखें: चढ़ते वक्त पेट की मांसपेशियों को थोड़ा अंदर की ओर खींचकर रखें, जिससे कोर मसल्स एक्टिव रहें।
शुरुआत कैसे करें?
शुरुआती 5 से 10 मिनट: पहले दिन से ही बहुत तेज दौड़ने की गलती न करें। सामान्य गति से 5 से 10 मिनट तक सीढ़ियां चढ़ें और उतरें।
धीरे-धीरे बढ़ाएं समय: जब शरीर इस रूटीन का आदी हो जाए, तब धीरे-धीरे समय को बढ़ाकर 15 से 20 मिनट तक ले जाएं।
हफ्ते में 3 से 4 दिन: रोज बहुत ज्यादा थकान लेने के बजाय हफ्ते में 3 से 4 दिन ही इसका अभ्यास करें, ताकि मांसपेशियों को रिकवरी का समय मिल सके।
जरूरी सावधानियां
उतरते समय हमेशा सामान्य गति रखें, क्योंकि उतरते वक्त घुटनों पर ज्यादा झटका लगता है।
सीढ़ियां चढ़ते समय आरामदायक और ग्रिप वाले जूते पहनें।
अगर आपको पहले से घुटनों में दर्द, आर्थराइटिस या सांस से जुड़ी गंभीर समस्या है, तो इस रूटीन को शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।








