देहरादून (26 अक्टूबर) : उत्तराखंड के नरेंद्रनगर स्थित ऐतिहासिक सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले में मशहूर पंजाबी गायक दलेर मेहंदी के साथ मंच पर हुई तीखी बहस के बाद अब नया सियासी मोड़ आ गया है। मीडिया के एक वर्ग में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा फोन पर दलेर मेहंदी से माफी मांगने की खबरें तेजी से चलीं, लेकिन पड़ताल में यह दावा पूरी तरह भ्रामक निकला है।
असल में मंत्री सुबोध उनियाल ने माफी मांगी ही नहीं; राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘अतिथि देवो भव:’ की परंपरा का हवाला देते हुए कलाकारों से फोन पर बातचीत की थी और पूरे घटनाक्रम पर खेद प्रकट किया था, जिसे गलत संदर्भ में मंत्री की माफी बताकर प्रचारित कर दिया गया।
मंत्री सुबोध उनियाल ने नहीं मांगी माफी
कुंजापुरी मेले में लाइव परफॉर्मेंस के दौरान उठे विवाद के बाद यह चर्चा फैल गई थी कि कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने फोन कर दलेर मेहंदी से माफी मांग ली है और विवाद खत्म हो गया है। इस बात को बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस कर दलेर मेहंदी के भाई मीका सिंह ने मीडिया के सामने रखा था। हालांकि, मंत्री की टीम ने इन दावों का पुरजोर खंडन किया। मंत्री का स्पष्ट कहना है कि सरकारी खजाने से आयोजकों द्वारा भारी-भरकम फीस चुकाने के बाद जनता को सही परफॉर्मेंस मिलनी चाहिए थी।
यदि गायक का स्वास्थ्य ठीक नहीं था, तो उन्हें मंच पर उतरने से पहले आयोजकों को अवगत कराना चाहिए था। अपने बयानों पर अडिग रहते हुए मंत्री उनियाल ने दो टूक कहा कि माफी मांगने का कोई सवाल ही नहीं उठता।
मंच पर तीखी बहस और मीका सिंह के तीखे तेवर
इस पूरे विवाद की शुरुआत नरेंद्रनगर के कुंजापुरी मेले के दौरान हुई, जब लाइव शो के बीच में ही कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कार्यक्रम रुकवा दिया। मंत्री ने आरोप लगाया कि दलेर मेहंदी ठीक से नहीं गा रहे हैं, केवल लिप-सिंक कर रहे हैं और कथित तौर पर नशे की स्थिति में हैं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही संगीत जगत में नाराजगी फैल गई।
दलेर मेहंदी के भाई और प्रख्यात गायक मीका सिंह ने मोर्चा संभालते हुए स्पष्ट किया कि दलेर साहब अस्वस्थ थे और उन्होंने अपने जीवन में कभी शराब को हाथ तक नहीं लगाया। मीका ने मंत्री के व्यवहार को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए सार्वजनिक तौर पर वीडियो जारी कर माफी मांगने की मांग उठाई थी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संभाला मोर्चा और जताया खेद
मामले के तूल पकड़ने और उत्तराखंड की छवि पर असर पड़ने की आशंका के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद कमान संभाली। देवभूमि की ‘अतिथि देवो भव:’ की परंपरा को ध्यान में रखते हुए सीएम धामी ने कलाकार पक्ष से सीधे फोन पर बातचीत की और मंच पर बने असहज हालात पर खेद व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री की इस सौहार्दपूर्ण पहल को कुछ मीडिया संस्थानों ने गायक पक्ष के हवाले से गलत ढंग से पेश करते हुए यह चला दिया कि मंत्री उनियाल ने फोन पर झुकते हुए माफी मांग ली है। हकीकत यह है कि सरकार के स्तर पर मुख्यमंत्री ने मामला शांत कराने का प्रयास किया, जबकि मंच पर भिड़े कैबिनेट मंत्री अपने रुख पर आज भी पूरी तरह कायम हैं।




