home ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम मनोरंजन बिजनेस ऑटो गैजेट्स खेल हेल्थ लाइफस्टाइल धर्म राशिफल लव राशिफल अंक राशिफल पंचांग करियर ट्रेंडिंग वीडियो

ईरान युद्ध के बीच समुद्र में बढ़ा खतरा, भारत ने लंदन में दुनिया को दी कड़ी चेतावनी

लंदन में अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) की बैठक के दौरान भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों पर हो रहे हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोराइस्वामी ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना अनैतिक और अस्वीकार्य है।

Published On: March 20, 2026 3:57 PM
ईरान युद्ध के बीच समुद्र में बढ़ा खतरा, भारत ने लंदन में दुनिया को दी कड़ी चेतावनी

HIGHLIGHTS

  • भारत दुनिया को 13% नाविक देता है, वर्तमान संकट से लगभग 23,000 भारतीय क्रू सदस्य प्रभावित हैं।
  • फारस की खाड़ी क्षेत्र में वर्तमान में 24 भारतीय ध्वज वाले जहाज मौजूद हैं, जिनकी सुरक्षा पर भारत ने गहरी चिंता जताई।
  • IMO परिषद ने ईरान के हमलों की निंदा करते हुए 'मैरीटाइम सेफ्टी कॉरिडोर' बनाने का प्रस्ताव रखा है।

लंदन। ईरान और पश्चिमी देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया है। लंदन में अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) परिषद के 36वें असाधारण सत्र को संबोधित करते हुए यूके में भारत के उच्चायुक्त विक्रम दोराइस्वामी ने साफ किया कि व्यापारिक जहाजों और नागरिक समुद्री बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

भारत ने इस बात पर गहरा क्षोभ व्यक्त किया कि युद्ध की स्थिति में निर्दोष नाविकों और आम लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। दोराइस्वामी ने हमले में जान गंवाने वाले तीन भारतीय नाविकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि इस तरह की हिंसा न केवल अनैतिक है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी घातक है।

विशेषज्ञों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाला व्यापारिक आवागमन ऐतिहासिक रूप से 80% तक गिर गया है। जहां पहले प्रतिदिन औसतन 138 जहाज गुजरते थे, वहीं अब यह संख्या सिमट कर रह गई है। भारत के लिए यह स्थिति इसलिए भी गंभीर है क्योंकि देश की ऊर्जा सुरक्षा और एलएनजी (LNG) आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग पर निर्भर है।

भारतीय उच्चायुक्त ने डेटा साझा करते हुए बताया कि वर्तमान में लगभग 23,000 भारतीय नाविक इस संकट की जद में हैं। फारस की खाड़ी में फिलहाल 24 भारतीय जहाज मौजूद हैं, जिनमें से 22 होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिमी ओर फंसे हुए हैं। इन जहाजों पर 600 से अधिक भारतीय चालक दल के सदस्य सवार हैं, जिनकी सुरक्षा सर्वोपरि है।

इस बीच, ब्रसेल्स में हुई यूरोपीय संघ (EU) के 27 देशों के नेताओं की बैठक में भी तनाव कम करने की अपील की गई। यूरोपीय नेताओं ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए सैन्य साजो-सामान भेजने का अनुरोध किया था। यूरोपीय संघ ने स्पष्ट किया कि वे इस युद्ध का हिस्सा नहीं बनना चाहते और केवल कूटनीतिक समाधान के पक्षधर हैं।

IMO परिषद ने अपनी बैठक में एक ‘मैरीटाइम सेफ्टी कॉरिडोर’ बनाने के विचार का समर्थन किया है। इसका उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों से व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय ढांचा तैयार करना है। भारत ने भी अपनी ओर से नाविकों की मदद के लिए 24×7 हेल्पलाइन शुरू की है और भारतीय नौसेना का इंफॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर (IFC-IOR) लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।


देश और दुनिया की ताज़ा ख़बरों (Latest Hindi News) के लिए जुड़े रहें Doon Horizon के साथ। राजनीति (Politics), खेल, मनोरंजन, टेक्नोलॉजी और एजुकेशन से जुड़े हर लाइव अपडेट (Live Updates) और ब्रेकिंग न्यूज़ (Breaking News in Hindi) सबसे पहले पाएं। पढ़िए आपके काम की हर बड़ी खबर, सिर्फ एक क्लिक पर।


Amit Gawri

अमित गावरी 'दून हॉराइज़न' में राष्ट्रीय समाचार लेखक के रूप में देश भर की ब्रेकिंग न्यूज़ और महत्वपूर्ण घटनाओं को प्रमुखता से कवर करते हैं। चुनाव, सरकारी योजनाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर उनकी खास विशेषज्ञता है। अमित हमेशा तथ्यों की गहराई में जाकर रिपोर्टिंग करते हैं, ताकि पाठकों को किसी भी खबर का हर पहलू स्पष्ट रूप से समझ आ सके। क्लिकबेट से दूर रहकर, वे अपनी खबरों में सटीकता और विश्वसनीयता (Trust) बनाए रखते हैं। उनका जर्नलिस्टिक अप्रोच हमेशा जनसरोकार और सटीक सूचना देने पर ही केंद्रित रहता है।

Leave a Comment