देहरादून। राजधानी के हृदय स्थल घंटाघर और चकराता रोड क्षेत्र (Chakrata Road Dehradun Dispute) में बीते दिनों हुई एक झड़प के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। इस घटना को लेकर बजरंग दल ने एक स्थानीय डिजिटल मीडिया पोर्टल के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। संगठन का आरोप है कि व्यापारियों के बीच हुए निजी विवाद को सांप्रदायिक रंग देने और संगठन की छवि खराब करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें प्रसारित की गई हैं।
दरअसल, विवाद की शुरुआत चकराता रोड पर गुब्बारे मारने की एक छोटी सी घटना से हुई थी। स्थानीय व्यापारियों के बीच शुरू हुई यह तकरार देखते ही देखते झड़प में तब्दील हो गई, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दौरान कुछ दुकानों में तोड़फोड़ की खबरें भी सामने आईं। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तत्काल हस्तक्षेप कर मामले को शांत कराया था।
संगठन का पक्ष और मीडिया पर गंभीर आरोप
बजरंग दल के प्रांतीय नेता विकास वर्मा ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि उक्त विवाद से संगठन का कोई प्रत्यक्ष या परोक्ष संबंध नहीं था। वर्मा के अनुसार, “जब यह घटना घटित हुई, तब बजरंग दल का कोई भी कार्यकर्ता वहां मौजूद नहीं था। संगठन के पदाधिकारी घटना के लगभग आधे से एक घंटे बाद उस समय पहुंचे, जब पुलिस प्रशासन पहले से ही स्थिति को संभाल रहा था।”
विकास वर्मा ने ‘ट्रू मीडिया हाउस’ नामक पोर्टल और उसके पत्रकार सलमान अली पर सीधे तौर पर निशाना साधते हुए कहा कि वीडियो को जानबूझकर एडिट किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पत्रकार ने अपनी रिपोर्टिंग में “मसाला” डालकर और तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया ताकि बजरंग दल का नाम इस विवाद में घसीटा जा सके। संगठन का मानना है कि इस तरह की पत्रकारिता न केवल अनैतिक है बल्कि शहर की शांति व्यवस्था के लिए भी खतरा है।
कानूनी कार्रवाई की मांग

बजरंग दल ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में मांग की गई है कि भ्रामक सूचनाएं फैलाने वाले पत्रकार और संबंधित पोर्टल के विरुद्ध आईटी एक्ट और अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए। विकास वर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि होली का पर्व नजदीक है और ऐसे समय में कोई भी भ्रामक नैरेटिव शहर का सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ सकता है।
उन्होंने अन्य पोर्टल संचालकों को भी आगाह किया कि वे बिना तथ्यों की पुष्टि किए किसी भी संगठन या व्यक्ति विशेष को निशाना न बनाएं। वर्तमान में पुलिस इस तहरीर के आधार पर डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। चकराता रोड जैसे व्यस्त व्यापारिक क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है ताकि त्योहार के सीजन में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
मामले की जांच कर रहे अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया फुटेज और सीसीटीवी कैमरों की मदद से घटना की वास्तविकता का पता लगाया जा रहा है।










